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8320 युवाओं ने लगवाया कोरोना का बूस्टर डोज

कोरोना वैक्सीन की निशुल्क बूस्टर डोज की घोषणा के साथ पहले ही दिन शुक्रवार को जिले के 100 से अधिक सेन्टरों पर 8320 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 16 Jul 2022, 10:21 AM IST

8320 युवाओं ने लगवाया कोरोना का बूस्टर डोज

8320 युवाओं ने लगवाया कोरोना का बूस्टर डोज

कोरोना वैक्सीन की निशुल्क बूस्टर डोज की घोषणा के साथ पहले ही दिन शुक्रवार को जिले के 100 से अधिक सेन्टरों पर 8320 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई। 75 दिन तक सरकारी टीकाकरण केन्द्रों पर आमजन को कोविड वै€क्सीन की बूस्टर डोज निशुल्क दी जाएगी। यह डोज एमजीएच सहित शहर की आठ डिस्पेंन्सरियों पर लगाए गए। एमजीएच सहित आठ स्थानों पर कोविशील्ड जबकि चपरासी कॉलोनी में पहले दो डोज कोवै€क्सीन के लगवा चुके लोगों को बूस्टर डोज लगाई गई।


एमजीएच में आरसीएचओ ऑफिस के नीचे टीकाकरण केन्द्र में मास्क लगा होने पर ही प्रवेश दिया गया। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि विभाग के पास 90 हजार कोविशील्ड व 40 हजार कोवै€क्सीन की डोज है। आधार कार्ड की कॉपी ले जानी जरूरी है। दो खुराक के बाद बूस्टर डोज लगवाने का अन्तर भी 9 से घटाकर 6 माह कर दिया है।
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कर्म निर्जरा का बहुत बड़ा साधन है तप
भीलवाड़ा . अहिंसा भवन शास्त्रीनगर में विराजित साध्वी मधु कंवर ने कहा कि मोक्ष मार्ग के आराधक साधु-साध्वी एवं श्रावक-श्राविकाएं तपस्या की महत्ता को समझते हैं। वे यथाशक्ति तप की आराधना
में दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ स्वयं को समर्पित करते हैं। तपस्वी केवल आहार-त्याग ही नहीं करता बल्कि सामायिक, स्वाध्याय, जप-ध्यान आदि वैराग्य जागृति के साथ संवर तथा निर्जरा धर्म की आराधना करता है। साध्वी प्रतिभा कंवर ने कहा कि साधना अपनी आत्मा के लिए करें, सांसारिक वस्तुओं के लिए नहीं। धर्मध्यान में किसी भी प्रकार की सौदेबाजी नहीं होनी चाहिए। तप करते हुए भी समताभाव नहीं है तो सब व्यर्थ है। हमें बार-बार जिनवाणी श्रवण और मनन करना चाहिए। साध्वी डॉ चिंतन ने कहा कि संवर से पाप के दरवाजे बंद करो, निर्जरा से पुराने पाप के कचरे को निकालो। काम, क्रोध, राग के कारण पाप करने वाला इंसान पाप की गंदी नालियों में गिर जाता है। पाप जीवन का अभिशाप है, पाप की गली में जाना आसान है, जिसका परिणाम बहुत बुरा होता है और इसका फल कड़वा होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख पाना है तो बुरे कर्मो से बचो। कर्म किसी का सगा नहीं है, कर्म की कचहरी में न रिश्वत चलती है, न ही कोई सिफारिश लगती है। जीवन में सुख पाना है तो पाप से बचो।