
कस्बे के राजकीय आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को आदर्श का दर्जा मिला हुआ है। लेकिन लेकिन चिकित्सा स्टाफ के अभाव में पीएचसी पर अक्सर ताला लगा रहता है
सवाईपुर।
कस्बे के राजकीय आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को आदर्श का दर्जा मिला हुआ है। लेकिन लेकिन चिकित्सा स्टाफ के अभाव में पीएचसी पर अक्सर ताला लगा रहता है। एेसे में ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसा ही मामला शुक्रवार को देखने को मिला। चिकित्सक नहीं मिलने पर सवाईपुर पीएचसी के बाहर एक प्रसूता तड़पती रही। सुबह निकटवर्ती ढ़ेलाणा गांव से इंदिरा पुत्री उदयलाल जाट को प्रसव पीड़ा प्रारंभ हुई।
परिजन उसे सवाईपुर अस्पताल लेकर आये। लेकिन अस्पताल पर ताला लटका मिला। प्रसुता चिकित्सालय के बाहर करीब ढाई घण्टे तक तड़पती रही। इस संबंध में सवाईपुर अस्पताल में कार्यरत डॉ गोरी शंकर कनवा ने स्टाफ की कमी बताई। सवाल उठता है कि जिस पीएचसी को हाल ही आदर्श का दर्जा मिलते ही दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा व कांग्रेस के नेताओं ने उदघाटन किया तथा सरकारी सेवाओं का प्रचार किया वहां इस तरह की घटना कई सवाल खड़े करती है। वहीं प्रसूता के भाई प्रभु लाल जाट ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में नर्सिंग कर्मी को फोन कर दिया लेकिन वो समय पर चिकित्सालय नहीं पंहुचे।
मंगरोप. कस्बे में आदर्श पीएचसी पर शुक्रवार को चिकित्सा विभाग की अनेदखी के चलते डेढ घण्टे तक एक प्रसूता दर्द से तड़पती रही, लेकिन चिकित्सालय में न डॉक्टर मिला और न ही अन्य स्टाफ। हालत बिगडऩे पर परिजन प्रसूता को जिला मुख्यालय लेकर गए। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के फागणो का खेडा से एक प्रसूता को परिजन डिलीवरी के लिए शुक्रवार दोपहर बाद कस्बे में स्थित आदर्श राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लाए, जहां केंद्र पर डॉक्टर व एएनएम नदारद मिले।
परिजन डेढ़ घण्टे तक चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। दर्द बढऩे पर परिजन उसे निजी वाहन से महात्मा गांधी चिकित्सालय लेकर गए। पीएचसी को गत दिनों सरकार ने बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के नाम पर केन्द्र को आदर्श का दर्जा दे दिया, लेकिन केन्द्र पर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है।
आदर्श पीएचसी में सारा चिकित्सा स्टाफ डेपुटेशन पर लगाया गया है। गुरलां से डॉक्टर यशवंत सुवालका, मेडिकल कॉलज से मेल नर्स बलवीर सिंह, करेड़ा से मेल नर्स ओमप्रकाश शर्मा को डेपुटेशन पर मंगरोप पीएचसी में लगा रखा है। लेकिन अधिकांश आते ही नहीं। ग्रामीणों ने कई बार चिकित्सक व कम्पाउंडर स्थाई लगाने की मांग की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
अगर ऐसा है तो मामला गम्भीर है, मामले का पता करवाता हूं।
डॉ. एनके शर्मा, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, हमीरगढ
मैं आज हलेड़ शिविर में ड्यूटी पर था, मामले की जानकारी नही है।
डॉ.यशवंत सुवालका, इंचार्ज पीएचसी, मंगरोप
पूरा स्टाफ डेपुटेशन पर
Published on:
14 Apr 2018 01:01 pm
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