
भीलवाड़ा की बरसात से 3 साल बाद फिर गूंजा खुशियों का सायरन, बीसलपुर बांध के ऐसे खोले दो गेट
कानाराम मुण्डियार
भीलवाड़ा.
राजधानी जयपुर, अजमेर समेत अन्य शहरों व कस्बों में रहने वाले एक करोड़ से अधिक लोगों की लाइफलाइन बीसलपुर बांध पर 26 अगस्त 2022 को सुबह 8 बजे खुशियों का सायरन गूंजा। वर्ष 2019 के बाद इस साल बांध के लबालब होने पर शुक्रवार सुबह दो गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई तो राजधानी जयपुर से लेकर अजमेर तक खुशियों की लहर छा गई।
बीसलपुर बांध के लबालब होने पर भीलवाड़ा जिले की बरसात का बहुत बड़ा योगदान रहा। भीलवाड़ा जिले में हुई अच्छी बरसात से ही यहां के सभी छोटे बांध छलक पड़े और ओवरफ्लो हुई नदियों का पानी त्रिवेणी व बनास नदी होते हुए बीसलपुर बांध में पहुंचा। अच्छी बरसात के चलते कई दिनों तक त्रिवेणी का गेज 7 मीटर से उपर तक पहुंचा रहा। अभी तक त्रिवेणी 4 मीटर गेज पर बह रही है। यानि बीसलपुर बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। शुक्रवार सुबह बांध की भराव क्षमता 315.50 हो जाने के बाद सुबह 8 बजे विधिवत पूजा अर्चना के बाद 2 गेट खोले गए। बांध के गेट नम्बर 9 और 10 खोल कर पानी की निकासी शुरू की गई। टोंंक जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल सहित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। बीसलपुर बांध पर दो साल बाद लौटी खुशियों को देखने के लिए दूर-दराज से सैकड़ों लोगों का हुजूम भी उमड़ा। बांध के आस-पास पर्यटकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
बीसलपुर बांध भरने में पांच बड़े कारण-
इस बार मानसून एक्सप्रेस की अच्छी मेहरबान रही।
-त्रिवेणी नदी के एक सप्ताह तक ऊफान पर रहना-चित्तौडगढ़़ जिले में गंभीरी बांध के गेट खोलना
-जेतपुरा और गोवटा बांध पर चादर चलना-बीसलपुर कैंचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश हुई।
भीलवाड़ा क्षेत्र में बरसात : एक नजर-
-भीलवाड़ा जिले में 630 मिलीमीटर औसत की तुलना में 561.58 मिलीमीटर हो गई। जो अब तक 89.01 प्रतिशत है।
-गोवटा बांध व कोठारी बांध पर बीस दिन से चादर चल रही है।
-जेतपुरा बांध के दो गेट खोलकर पानी की निकासी की गई।
-17 अगस्त को गंभीरी बांध के आठ गेट खोलकर निकासी की गई।
-मातृकुंडिया बांध के चार गेट खोले गए
-त्रिवेणी नदी चार दिन तक पांच मीटर से ऊपर चली
-त्रिवेणी नदी का आखिरी गेज सवा सात मीटर रहा
5 बड़े क्षेत्र, जहां औसत से ज्यादा बरसात हुई और त्रिवेणी व बनास नदी का फ्लो बढ़ा-
जेतपुरा बांध- 1302 एमएम
बिजौलियां-785 एमएम
मांडलगढ़-581 एमएम
काछोला-417 एमएम
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अब उठ रही मांग कि अजमेर को हर रोज मिले पानी-
ज्ञात है कि बीसलपुर बांध परियोजना का निर्माण अजमेर जिले को पेयजल आपूर्ति के लिए किया गया था। इसलिए बांध के पानी पर सबसे पहला हक अजमेर का बनता है। जब-जब बांध पूरा लबालब होता है तब अजमेर जिले में हर रोज जलापूर्ति करने की मांग पूरजोर तरीके से उठने लगती है। लेकिन अजमेर जिले की जलापूर्ति किसी से छिपी नहीं है। अजमेर में तीन से चार दिन में जलापूर्ति हो रही है।
Published on:
26 Aug 2022 11:45 pm
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