
शाहपुरा जिले के सीमांकन के बाद हुरड़ा-गुलाबपुरा व रायला को लेकर खींचतान
भीलवाड़ा. नवगठित शाहपुरा जिले के सीमांकन के बाद हुरड़ा-गुलाबपुरा व रायला को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। जिलों के नए सीमांकन के अनुसार हुरड़ा व गुलाबपुरा को भीलवाड़ा जिले में ही रखा गया है। जबकि बीच पड़ रहे रायला को शाहपुरा में शामिल कर लिया गया। शाहपुरा के लोग चाहते हैं कि हुरड़ा-गुलाबपुरा को शाहपुरा में शामिल किया जाएं। लेकिन हुरड़ा-गुलाबपुरा से शाहपुरा में मिलाए जाने की आवाज नहीं है। दोनों कस्बे खुद को भीलवाड़ा से अलग करना नहीं चाहते हैं।
शाहपुरा जिले के सीमांकन की जैसे ही तस्वीर सामने आई, शाहपुरा में सरकार व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया। गुलाबपुरा-हुरड़ा को शामिल करने की मांग लेकर संघर्ष समिति के बैनर तले शाहपुरा बंद किया जा रहा है।
गौरतलब है कि शाहपुरा जिले की अधिसूचना जारी होने के साथ ही तस्वीर साफ हो गई कि जिले में कौनसे उपखण्ड व तहसील शामिल होंगे। शाहपुरा के लोग जहां हुरड़ा-गुलाबपुरा को शामिल करने की मांग कर रहे हैं, वहीं रायला के लोग नवगठित शाहपुरा में नहीं रहना चाहते है। हालांकि इस विरोध में अभी तक कोई बड़ा जनप्रतिनिधि सामने नहीं आया है।
शाहपुरा को क्यों चाहिए गुलाबपुरा-हुरड़ा-
शाहपुरा के लोगों का कहना है कि शाहपुरा जिला बनने की खुशी है, लेकिन राजस्व में शाहपुरा खाली हाथ है। हुरडा-गुलाबपुरा मिले तो हुरड़ा की आंगूचा माइंस से डीएमएफटी फंड में सालाना 350 करोड़ राजस्व मिलेगा। इससे विकास को पंख लगेंगे। शाहपुरा के लोग इससे नाखुश हैं कि गहलोत सरकार व जन प्रतिनिधियों ने गुलाबपुरा-हुरड़ा को भीलवाड़ा में ही रहने दिया। हुरड़ा में नवोदय विद्यालय है। हुरड़ा गुलाबपुरा की शाहपुरा से दूरी 40 किलोमीटर है। वहीं गुलाबपुरा से भीलवाड़ा 60 किमी है। गुलाबपुरा में टेक्सटाइल की कई नामी कंपनी है।
गुलाबपुरा के लोगों की चाहत-
गुलाबपुरा . गुलाबपुरा के लोगों का कहना है कि वे शाहपुरा में शामिल नहीं होना चाहते हैं। इसके कई कारण हैं। हालांकि शाहपुरा 40 किलोमीटर दूर है, लेकिन वहां के साधनों की कमी है। वहीं 60 किमी होने के बावजूद भीलवाड़ा से सीधी कनेक्टिविटी है। फोरलेन होने से समय बचता है। हर समय साधन उपलब्ध हैं। क्षेत्रवासी सोमवार को उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देंगे। हुरड़ा प्रधान कृष्णसिंह राठौड़ का कहना है, हर वर्ग खुद को अपने पुराने भीलवाड़ा जिले में ही रखना चाहता है।
रायला के लोग ये चाहते-
रायला . रायला के लोग खुद को शाहपुरा जिले में जोड़ने के खिलाफ हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रायला से शाहपुरा की दूरी भले 35 किमी है, लेकिन जिला मुख्यालय जाने के साधन नहीं है। सड़कें क्षतिग्रस्त है। भीलवाड़ा की दूरी लगभग 32 किलोमीटर है, लेकिन फोरलेन पर काफी साधन हैं। क्षेत्र के लोगों ने शनिवार को खुद को शाहपुरा में शामिल करने का विरोध जताया था। प्रदर्शन किया। रायला को तहसील बनाने की मांग भी है।
Updated on:
07 Aug 2023 10:23 am
Published on:
07 Aug 2023 10:22 am
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