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पत्नी के बाद पति ने भी तोड़ा दम, गांव में शोक की लहर, एक चिता पर अंतिम संस्कार

क्षेत्र के श्यामगढ़ गांव में रविवार रात को हुआ दर्दनाक हादसा दो बच्चों को जिंदगी भर का दर्द दे गया

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केलूपोश मकान में सब्जी में छोंक लगाते समय छपरे ने आग पकड़ ली। हादसे में महिला जिंदा जल गई जबकि बचाव में गम्भीर रूप से झुलसे पति ने भी सोमवार सुबह महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दम्पती की मौत हो जाने से उनके दो बच्चे अनाथ हो गए।

माण्डलगढ़.लाडपुरा।

क्षेत्र के श्यामगढ़ गांव में रविवार रात को हुआ दर्दनाक हादसा दो बच्चों को जिंदगी भर का दर्द दे गया। केलूपोश मकान में सब्जी में छोंक लगाते समय छपरे ने आग पकड़ ली। हादसे में महिला जिंदा जल गई जबकि बचाव में गम्भीर रूप से झुलसे पति ने भी सोमवार सुबह महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दम्पती की मौत हो जाने से उनके दो बच्चे अनाथ हो गए। माण्डलगढ़ थाना पुलिस ने दम्पती का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर छा गई। दम्पती का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ।

जानकारी के अनुसार श्यामगढ़ में गोकुल भील की पत्नी रूपा रात साढ़े दस बजे मकान के बाहर छपरे के नीचे सब्जी बना रही थी। इस दौरान रूपा ने छोंक लगाया। छोंक लगाते हुए आग भभकी। इससे छपरे ने आग पकड़ ली। इससे छपरा जलकर रूपा पर आकर गिर गया। इससे वह जिंदा जलने लगी। उसकी चीख सुनकर निकट ही बैठा गोकुल बचाव के लिए दौड़ा। वह भी गम्भीर रूप से झुलस गया। हादसे में घरेलू सामान भी जल गया।


देव दर्शन और जागरण में गए थे ग्रामीण

जिस समय घटना हुई उस समय रामनवमी होने से ग्रामीण बाण माता व जोगणिया माता शक्तिपीठ पर मेला भरने के कारण वहां गए थे। इससे गिने-चुने लोग ही गांव में थे। दम्पती की चीख सुनकर कुछ ग्रामीण भी आए, लेकिन दोनों को जलता देखकर भयभीत हो गए। जब तक रूपा को बचाया तब तक वह शत-प्रतिशत झुलस गई थी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों को माण्डलगढ़ अस्पताल लाया गया। यहां से जिला मुख्यालय के लिए रैफर कर दिया। यहां रूपा को मृत घोषित किया जबकि गोकुल को भर्ती कर लिया गया। सुबह गोकुल ने भी दम तोड़ दिया।


रिश्तेदार के यहां थे बच्चे, बच गई जान

दम्पती के दो बच्चे है। छह वर्षीय एक पुत्री मनभरी व चार वर्षीय पुत्र प्रभु है। जिस समय हादसा हुआ उस समय दोनों बच्चे निकट ही रहने वाले गोकुल के भाई के घर पर थे। एेसे में दोनों की जान बच गई। सुबह गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दम्पती के रिश्तेदार के घर के बाहर ग्रामीण जमा हो गए। गांव में बाजार बंद हो गए। दोपहर में दम्पती का घर से शव उठा तो हर आंखें नम हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी शाम तक घर नहीं पहुंचे। ना ही बच्चों की सुध ली गई। दम्पती की मौत होने से दोनों बच्चे अनाथ हो गए। अंतिम संस्कार के बाद नया नगर निवासी मामा दोनों बच्चों को अपने साथ ले गया। मृतक गोकुल खदान में हमाली का काम करता था। वहीं रूपा नरेगा में काम करती थी। घटना को लेकर सरपंच आशा बारेट का कहना है की दोनों बच्चों को शीघ्र पालनहार योजना से जोड़ कर सरकारी सहायता व मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता एवं नियमानुसार जो भी यथासंभव मदद ग्रामपंचायत कर सकेगी वह निश्चित रूप से की जाएगी।