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स्कूलें बन्द होने से अक्षय पात्र की भट्टी बन्द

स्कूलों के चूल्हे

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Akshay Patra's furnace closed due to schools being closed in bhilwara

Akshay Patra's furnace closed due to schools being closed in bhilwara

भीलवाड़ा .
सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद होने एवं बच्चों के अवकाश के चलते भीलवाड़ा में अक्षय पात्र प्लांट की भट्टी एवं सरकारी स्कूलों के चूल्हे बुझे हुए हैं। शहरी क्षेत्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन की ओर से गर्म पोषाहार उपलब्ध करवाने का कार्य मार्च से बंद पड़ा है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों में भोजन पकाने वाली जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं का भी रोजगार छिन गया है। इन महिला कार्मिकों के तीन महीनों के मानदेय भी सरकार की ओर से नहीं मिला है।
शहर व जिले की सरकारी स्कूलों में पढने वाले कक्षा आठवीं तक छात्र-छात्राओं के लिए वर्तमान में स्कूलों में पोषाहार नहीं पक रहा है। शहर के करीब ८५०० बच्चों के लिए केन्द्रीयकृत रसोई के तहत पटेलनगर स्थित अक्षय पात्र फाउंडेशन गर्म भोजन उपलब्ध करवाता है। यह प्लांट १३ मार्च से बन्द पड़ा है। कोरोना के चलते छात्र-छात्राओं के अवकाश से स्कूलों में रौनक लौटने का इंतजार किया जा रहा है।
बच्चों को मिला गेहूं व चावल
राज्य सरकार की ओर से जिले की सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढने वाले छात्र छात्राओं को गेहूं एवं चावल बांटा जा रहा है। कोरोना के चलते इन दिनों कक्षा 6 से 8 तक प्रति विद्यार्थी 14 किलो 100 ग्राम एवं कक्षा एक से पांच तक प्रति छात्र 9 किलो 400 ग्राम गेहूं व चावल बांटा जा रहा है।
कुक कम हेल्पर के मानदेय की नहीं गाइड लाइन
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में पोषाहार पकाने वाली कुक कम हेल्पर को मिलने वाला मानदेय अप्रेल, जुलाई का नहीं मिला है। राज्य सरकार की ओर से इन दो महीनों के लिए गाइड लाइन नहीं मिली है। ग्रीष्मावकाश में इन्हें मानदेय स्वीकृत नहीं है। ऐसे में इनका रोजगार का दूसरा जरिया भी नहीं है।
कोरोना काल में विकल्प बना अक्षय पात्र
कोरोना काल में अक्षय पात्र फाउंडेशन की रसोई से सवा लाख लोगों के लिए भोजन सप्लाई किया गया। जिला प्रशासन के सहयोग से तैयार करवाया भोजन कोरोना संक्रमितों को खिलाया जा रहा था। लेकिन यह भी अब बन्द हो गया है।
इनका कहना है
अक्षय पात्र में मार्च माह से ही स्कूली बच्चों का पोषाहार नहीं बन रहा है। करीब ८५00 बच्चों का यहां गर्म भोजन सप्लाई किया जाता है। अस्पताल में अक्षय कलेवा योजना बंद कर दी गई है। स्कूल खुलने का इंतजार है। कोरोना के समय जिला प्रशासन के निर्देश पर कोरोना संक्रमित लोगों के लिए भोजन तैयार किया था।
विष्णु कुमार शर्मा, मैनेजर अक्षय पात्र फाउंडेशन