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कोई यूके से तो कोई ढाका से आया दोस्तों से मिलने, ताजा हुई पुरानी यादें

कॉलेज के प्रथम बैच से लेकर साल 2017 के अंतिम बैच तक के करीब 500 से ज्यादा पूर्व स्टूडेंट्स शामिल हुए

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एलुम्नी मीट फिएस्टा-2017 में कॉलेज के प्रथम बैच से लेकर साल 2017 के अंतिम बैच तक के करीब 500 से ज्यादा पूर्व स्टूडेंट्स शामिल हुए।

भीलवाड़ा।
कॉलेज के जमाने के दोस्तों से मिलने के लिए कोई बांग्लादेश की राजधानी ढाका से आया तो कोई यूनाईटेड किंग्डम से। कई सालों बाद जब मिले तो चेहरे मोहरे सब बदले हुए थे। लेकिन एक झलक से पहचान ही गए और गले मिले। पुरानी यादों को ताजा करने का ये मौका था माणिक्यलाल वर्मा टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कॉलेज की एलुम्नी मीट का। एलुम्नी मीट 'फिएस्टा-2017' में कॉलेज के प्रथम बैच से लेकर साल 2017 के अंतिम बैच तक के करीब 500 से ज्यादा पूर्व स्टूडेंट्स शामिल हुए।

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इस मौके पर कॉलेज परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया। कॉलेज छात्रों ने अपने पूर्व छात्रों के स्वागत में नायाब सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में पाश्र्व गायक शाहनवाज खान एवं मिसेज इंडिया अर्थ 2017 श्वेता चौधरी ने भी अपनी प्रस्तुति दीे। एलुम्नी डायरेक्टरी के तीसरे अंक का विमोचन किया गया। आयोजन सचिव अनुराग जागेटिया ने बताया कि संस्थान के प्रथम व द्वितीय बैच के एलुम्नी को सम्मानित किया। एलुम्नाई मीट के समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. आनंदकिशोर चतुर्वेदी ने कॉलेज में लगातार सेवाएं देने वाले टीचर्स, मंत्रालयिक कर्मचारियों और आयोजन से जुड़े विभिन्न लोगों को भी सम्मानित किया।

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दिल मिले, गुल खिले
एलुम्नी मीट में कुछ युगल एेसे भी थे, जिन्होंने यहीं पढ़ाई की और यहीं उनका प्यार परवान चढ़ा। यहां आकर वे पुरानी यादों में खो गए। एेसा ही एक जोड़ा आया देवेंद्र धारीवाल व रश्मि गुप्ता का। देवेंद्र मूलत: जोधपुर के रहने वाले हैं जिन्होंने कॉलेज से 1993 में तो जयपुर निवासी रश्मि ने वर्ष 1994 में पास आउट किया। दोनों सीनियर व जूनियर को पढ़ाई के दौरान लव मैरिज कर पारिवारिक जीवन में प्रवेश किया। उसके बाद 17 साल तक कॉर्पोरेट कंपनी में काम किया। आज जयपुर में स्वयं का एक्सपोर्ट हाऊस प्लस सेल्फ फनडेड नाम का एनजीओ चला रहे है। दोनों ने यहां आकर उन जगहों को फिर से देखा जहां वे कभी मिला करते थे।


150 रुपए की डिस्पोजेबल व इकोफ्रेंडली शर्ट
वर्ष 2003 में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी से पास आऊट गुरलां निवासी दयाल मेहता ने बताया कि कॉलेज के दिनों में पानी की कमी को लेकर डिस्पोजेबल शर्ट बनाने की प्रेरणा मिली। उन्होंने मुंबई की कंपनी वेलस्पून इंडिया लिमिटेड में हेड ऑफ इनोवेशन एंड मार्केटिंग पद पर कार्यरत रहकर इस सपने को साकार किया। इस शर्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे उपयोग के बाद गार्डन एरिया की जमीन में गाड़ दे तो अगले 2 महीने में ये खाद बनकर पेड़ पौधों के लिए लाभदायक साबित होगी।

ढाका से परिवार सहित आए चारण

मूलत: राजस्थान सिरोही निवासी एडी चारण कॉलेज से सूचना मिलते ही ढाका (बांग्लादेश) से स्पेशल एरोप्लेन का टिकट लेकर पत्नी और बेटी के साथ समारोह में आए। इतने एक्साइटेड थे कि बिजी होते हुए भी छात्रों और टीचर्स से मिलने के लिए कॉलेज पहुंचे। चारण ने भीलवाड़ा कॉलेज से वर्ष 1996 में बीटेक पास ऑट किया। वहीं रिलायंस से अपने कैरियर की शुरूआत की। फिर अहमदाबाद की लेबल कंपनी में काम करने के बाद चारण ने 10 साल तक ढाका (बांग्लादेश) की एक कंपनी में काम किया। अब दो साल से ढाका में स्वयं की कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर है।