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आठवीं फेल के लिए खुशियां लाया एक आदेश, फायदा लेने दौड़े युवा

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए की गई कवायद

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An order brought happiness for the eighth felon, the youth rushed to

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भीलवाड़ा. सरकार ने हैवी लाइसेंस बनाने के लिए आठवीं कक्षा पास होने की अनिवार्यता क्या खत्म ही परिवहन विभाग में मेला लग गया है। मंगलवार को कार्यालय में एेसे चालकों की कतारें देखी गई जो आठवीं फेल है। इनके पास एलएमवी लाइसेंस बना हुआ है। अब तक ये अपने लाइसेंस को हैवी नहीं करा पा रहे थे क्योंकि आठवीं पास नहीं थे। अब सरकार ने छूट दे दी तो परिवहन विभाग में कतारें लग गई। अब तक परिवहन विभाग में पांच सौ से ज्यादा आवेदन तो आ चुके हैं। इन चालकों से अपना मूल एलएमवी लाइसेंस लेकर अब हैवी लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि एकदम भीड़ बढऩे से परिवहन विभाग के अधिकारी असमंजस में पड़ गए हैं। स्थिति यह है कि सुबह दस से शाम तक कतारें लगी रहती है। अब इस प्रक्रिया को लेकर भी परिवहन विभाग के अधिकारी असमंजस में हैं।

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तो चालक कहां से लाएंगे प्रमाण पत्र
भीलवाड़ा में तीन एेसे संस्थान है जो हैवी लाइसेंस को पक्का बनाने से पहले प्रशिक्षण देकर प्रमाण पत्र देते हैं। नियम यह है कि एक संस्थान एक महीने में २५ से ज्यादा प्रमाण पत्र नहीं दे सकता है। एेसे में एक माह में केवल ७५ प्रमाण पत्र ही जारी होंगे। अभी हजारों की संख्या में एेसे चालक है जो अपने एलएमवी को हैवी बनाने के लिए आ रहे हैं। अब इनका लर्निंग बनने के एक माह बाद ये इसे पक्का बनाने आएंगे लेकिन प्रमाण पत्र कैसे बनाएंगे।
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निरक्षर से कैसे बनेंगे डीएल
कई चालक एेसे है जो निरक्षर है। एेसे में उनके लाइसेंस कैसे बनेंगे इस पर असमंजस बरकरार है। हालांकि परिवहन विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि यदि उसे थोड़ा भी लिखना-पढऩ नहीं आता है तो वे लाइसेंस नहीं बनाएंगे। अभी एेसे एलएमवी की सूची अलग से तैयार की जाएगी।
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अब यह खत्म होगा फर्जीवाड़ा
आठवीं फेल के हैवी लाइसेंस नहीं बनने पर विभाग में कई तरह के फर्जीवाड़े होते थे। इनमें सबसे ज्यादा फर्जी अंकतालिका प्रस्तुत होती थी। परिवहन विभाग जब निजी स्कूलों की अंकतालिका को सत्यापन के लिए प्रस्तुत करते थे तो डीईओ इन्हें फर्जी बताते थे। अब आठवीं पास की अनिवार्यता खत्म होने से एेसा नहीं होगा।
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नागालैंड से लाते थे लाइसेंस
कई चालक एेसे थे जो नौकरी पाने के लिए हैवी लाइसेंस बनाने के लिए नागालैंड जाते थे। यहां से लाइसेंस बनाकर भीलवाड़ा में रिन्युअल कराते थे। एेसे गली निकालकर लाइसेंस बनते थे। अब सभी जगह आठवीं कक्षा पास की अनिवार्यता नहीं होने से कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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अब एेसे चालक जो आठवीं फेल है उनके हैवी लाइसेंस बन रहे हैं। जिनको बिल्कुल पढऩा-लिखना नहीं आता उनके लाइसेंस नहीं बनेंगे। अब एेसे संस्थान जो एक महीने में २५ से ज्यादा प्रमाण पत्र नहीं दे सकते हैं तो ये उनकी समस्या है। एेसे में चालक कहीं और जिले से प्रमाण पत्र लाएंगे या छह माह का समय होता है। जो भी समस्याएं आएंगी उनका समाधान करेंगे।
शंभूलाल, कार्यवाहक डीटीओ