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Arjia Nursery आरजिया नर्सरी अब बनेगा प्रदेश का वन पर्यटन केन्द्र

Arjia Nursery will now become the state's forest tourism center वस्त्रनगरी के लिए एक अच्छी खबर है। वन विभाग प्रदेश का पहला वन पर्यटन एवं पर्यावरण शिक्षण केन्द्र आरजिया में विकसित करेगा। यहां तितलियों का खास पार्क होगा एवं वूड वॉकिग ट्रेक होगा। फल व फूलों की घाटी भी यहां सभी को लुभाएगी।

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Arjia Nursery will now become the state's forest tourism center

Arjia Nursery will now become the state's forest tourism center

भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी के लिए एक अच्छी खबर है। वन विभाग प्रदेश का पहला वन पर्यटन एवं पर्यावरण शिक्षण केन्द्र आरजिया में विकसित करेगा। यहां भीलवाड़ा जिले समेत प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्र, वन्य जीव, वनस्पति, अरावली पर्वत माला भी मॉडल के रूप में नजर आएगी। देश- विदेश के पर्यटकों व वन्य जीव व पर्यावरण प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए यहां देश-विदेश के सभी प्रकार के नक्शे टच स्क्रीन पर नजर आएंगे। Arjia Nursery

यहां तितलियों का खास पार्क होगा एवं वूड वॉकिग ट्रेक होगा। फल व फूलों की घाटी भी यहां सभी को लुभाएगी। एक करोड 98 लाख रुपए की लागत से यहां विभिन्न निर्माण कार्य होंगे। वन विभाग के इस प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।

भीलवाड़ा औद्योगिक नगरी है, जहां टेक्सटाइल से संबंधित उद्योगों के साथ-साथ कई प्रकार के खनिजों की इकाईयां भी स्थापित है। इस दृष्टि से वन विभाग जिले में वनों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के लिए वन पर्यटन एवं पर्यावरण शिक्षण केन्द्र आरजिया नर्सरी में विकसित करेगा। यहां लगभग 12 हैक्टयेर भूमि है, यह अजमेर स्टेट हाईवे पर होने के साथ ही शहर के नजदीक है। इस प्रकार का केन्द्र ने केवल भीलवाड़ा में अपितु राजस्थान में भी अपने प्रकार का एक मात्र केन्द्र होगा।

हर्बल गार्डन में नजर आएगी औषधीय प्रजातियां
यहां हर्बल गार्डन करीब 1-2 हैक्टेयर में विकसित किया जाएगा। जिसमें राजस्थान में पाई जाने वाली औषधीय पौधों की प्रजातियों का रोपण होगा। पौधों पर प्रदर्शन बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्ड पर औषधीय पौधों की सम्पूर्ण जानकारी होगी।

वन्य जीव के मॉडल दिखेंगे
राजस्थान एवं भीलवाड़ा के वन्य जीव के मॉडल एवं सेल्फ ी पॉइन्ट यहां विकसित होंगे। इनमें मांसाहारी वन्य जीव श्रेणी में बाघ, बघेरा, भेडिय़ा,जरख, सियार, भालू के यहां मॉडल रखे जाएंगे। शाकाहारी वन्य जीव में चिंकारा, चीतल, सांभर, काला हिरण तथा रेंगने वाले जीव में मगरमच्छ व घडिय़ाल के भी मॉडल होंगे और यहां प्राकृतिक साइट विकसित कर सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। यहां मॉडल पर वन्य जीवों की सम्पूर्ण जानकारी भी रहेगी।

देश व दुनियां के नक्शे लुभाएंगे
आरजिया केन्द्र में करीब दो सौ वृक्ष प्रजातियों का चित्रण, वृक्ष का फ ोटों, फ ल व पुष्प आदि के चित्र एवं बीजों का संग्रहण होगा। इसी केन्द्र में विश्व, भारत, राजस्थान एवं भीलवाड़ा के भौगोलिक क्षेत्रों का नक्शा होगा जो कि टच स्क्रीन से काम करेगा। यहां विश्व, भारत, राजस्थान, भीलवाड़ा के वन क्षेत्रों साथ ही अरावली, विन्ध्या पर्वतमाला का टच नक्शा होगा। केन्द्र में भीलवाड़ा की जैव विविधता भी दर्शाई जाएगी।

हमीरगढ़ व मेनाल होंगे खास
जिले में विलायती बबूल, लेन्टाना आदि प्रजाति की झाडियां व कंटीले वृक्ष है। गौण वन उपज, भौगोलिक विवरण, चट्टानें मिट्टी के प्रकार व पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों, प्रमुख उद्योग एवं खनिज, पर्यावरणीय परिदृश्य एवं समस्याएं तथा जल एवं भू संरक्षण संरचनाओं का भी समावेश होगा। इसी प्रकार हमीरगढ़ ईको पार्क व मेनाल ईको पार्क के मॉडल भी यहां होंगे।

फल एवं फूलों की होगी घाटी
खुली नर्सरी होगी एवं नर्सरी में पौधों के उगाने की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। इसके साथ ही नर्सरी में काम आने वाले उपकरणों का उपयोग के विवरण सहित प्रदर्शन रहेगा। समूचा क्षेत्र फू लों एवं फ लों की घाटी के रूप में भी विकसित होगा और यहां तितलियों का खास जोन होगा। इस जोन में तितलियों की 54 प्रजातियों की फ ोटो सहित जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।

वॉच टॉवर से निहारेंगे
आरजिया केन्द्र के वन क्षेत्र में वूडन ट्रैक होगा, जिसकी लम्बाई लगभग 500 मीटर होगी। यहां एक वॉच टावर का निर्माण भी होगा। जिससे आरजिया का समूचा वन क्षेत्र निहारा जा सकेगा। इसी प्रकार कैक्टस गार्डन भी बनेगा। यहां रिसेप्शन एवं टिकट काउन्टर होंगे। सोवेनियर शॉप, मुख्य भवन, कॉन्फ्रे न्स हॉल भी रहेगा।