
मानो रास्ते में इंतजार कर रही थी मौत
अजमेर हाइवे पर बिजयनगर के करीब गुरुवार के हादसे में एक परिवार के तीन जनों की दर्दनाक मौत की खबर ने मृतक के परिजनों को ही नहीं बल्कि काशीपुरी के बाशिंदों को भी हिलाकर रख दिया। भीलवाड़ा के अग्रवाल समाज में शोक की लहर दौड़ गई। परिचित और रिश्तेदारों को यकीन ही नहीं हुआ कि हंसता-खेलता परिवार ऐसे बिखर गया। दस दिन पहले अंकित पत्नी और बेटे के साथ घूमने निकले। हंसी-खुशी विदा हुआ परिवार का शव दोपहर में घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। कुल्लू, मनाली, शिमला समेत कई जगह घूमकर अंकित रात में चड़ीगढ़ से गरीब रथ ट्रेन से अजमेर रवाना हुए।
सुबह साढ़े सात बजे ट्रेन अजमेर पहुंची। पहुंचने से पहले अंकित ने अपने चालक कय्यूम को फोन कर कार लेकर अजमेर बुला लिया। यहां से परिवार भीलवाड़ा रवाना हुआ। तब किसी को आभास भी नहीं था कि मौत उनका रास्ते में इंतजार कर रही है। परिवार बिजयनगर पहुंचा था कि चलती कार खड़े ट्रक में घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि कार की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी पिचक गई। शव उसमें बुरी तरह फंस गए। हादसा का पता चलने पर अंकित के परिजन और समाजजन बिजयनगर पहुंचे। पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार के तीनों शव एक एम्बुलेंस तथा चालक का शव दूसरी एम्बुलेंस से भीलवाड़ा लाया गया।
घर के बाहर जुटे लोग
हादसे के बाद काशीपुरी में शोक की लहर दौड़ गई। अंकित के घर के बाहर परिचित, समाज और रिश्तेदार जुटने लगे। शव पहुंचने से पहले अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी कर ली। दोपहर ढाई बजे शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। अब तक ढांढस बांधे परिजनों के आंसूओं का सैलाब बह निकला। बुजुर्ग माता-पिता को संभालना भारी पड़ गया। अंकित की मां बार-बार गश खाकर गिर रही थी। औपचारिकता के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए शास्त्रीनगर मोक्षधाम ले जाए गए।
दो भाइयों में बड़ा, कांपे कंधे-रोई रूह
अंकित का बोरवेल का व्यवसाय है। दो भाइयों में अंकित बड़ा है। अंकित हंसमुख और मिलानसार था। अंकित के पिता मधुसुदन अग्रवाल, मां और छाेटे भाई अर्पित पर वज्रपात हुआ। दोपहर में अंतिम संस्कार के लिए तीनों का शव घर से उठा तो हर आंख नम हो गई। पिता ने जैसे ही बेटे की अर्थी को कंधा दिया तो लोगों के कंधे कांप गए। अंकित का पुत्र प्रथम पढ़ने में होशियार था। उसे शिव तांडव कंठस्थ थी।
मौत के साथ दफन हो गया कारण
हादसे को लेकर लोगों में चर्चा थी कि दुर्घटना के दो कारण हो सकते हैं। चालक कय्यूम ने ओवरटेक किया हो और सामने ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से कार उसमें घुस गई। ऐसा भी संभव है कि कय्यूम को अचानक झपकी आ गई और खड़ा ट्रक नजर नहीं आया। हालांकि हादसे में कार सवार सभी चारों की मौत हो जाने से वजह साफ नहीं हो पाई। मौत के साथ ही वजह भी दफन हो गई। परिजनों के मुताबिक,कय्यूब पिछले तीन-चार माह से अंकित की कार चला रहा था।
Published on:
18 Aug 2022 11:03 pm
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