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नहीं चल रही रेलवे की स्वचालित सीढ़ी

भीलवाड़ा. रेलवे स्टेशन से रोजाना बुजुर्ग व रोगी प्रतिदिन सफर करते हैं। इस दौरान बुजुर्गों व मरीजों को प्लेटफार्म संख्या एक से दो तक सीढि़यां चढ़कर पहुंचना कष्टकारी होता है।

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नहीं चल रही रेलवे की स्वचालित सीढ़ी

नहीं चल रही रेलवे की स्वचालित सीढ़ी

भीलवाड़ा. रेलवे स्टेशन से रोजाना बुजुर्ग व रोगी प्रतिदिन सफर करते हैं। इस दौरान बुजुर्गों व मरीजों को प्लेटफार्म संख्या एक से दो तक सीढि़यां चढ़कर पहुंचना कष्टकारी होता है। लेकिन लाखों रुपए की लागत से यात्री सुविधाओं के नाम पर स्वचालित सीढ़ी तो लगाई गई है, लेकिन अक्सर वह बंद ही रहती है। इससे लोग परेशान हैं।जिले के अधिकांश लोग यहां से जयपुर, उदयपुर, दिल्ली समेत अन्य शहरों के लिए आते-जाते हैं।

इनमें सीनियर सिटीजन एवं विकलांग व अन्य यात्री भी सफर करते हैं। लेकिन स्वचालित सीढ़ी के नहीं चलने तथा अक्सर बंद रहने से यात्रियों को इस सुविधा का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। विजयसिंह पथिक नगर निवासी महावीर सोनी ने बताया कि सीनियर सिटीजन एवं विकलांगों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में शिकायत के लिए रेलवे प्रबंधक के कार्यालय गए तो वहां ताला लटका मिला। ऐसे में स्वचालित बंद मिलने पर लोग रेलवे की इस लाखों की लागत से तैयार हुई व्यवस्था को कोसते हैं। महावीर ने बताया कि सीढ़ी न चलने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। सीढ़ी चलने से बुजुर्गों को राहत मिलती है। ऐसे लोगों को जिन्हें चलने-फिरने में दिक्कत है, उन्हें सीढ़ी चलने पर प्लेटफार्म संख्या एक व दो पर ले जाने में आसानी होती है।