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बाबा रामदेव पीएम मोदी से अभिभूत, भीलवाड़ा से भी खुश

योग गुरु बाबा रामदेव इन दिनों राजस्थान के वस्त्रनगरी में है। याने की भीलवाड़ा शहर बाबा रामदेव के योग में रमा हुआ है। दो दिन की भारी बारिश के बावजूद शनिवार को उनके साथ योग करने यहा यूं कहे सीखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मुख्य योग स्थल बदले जाने के बावजूद शांति भवन पहुंचे।

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बाबा रामदेव पीएम मोदी से अभिभूत, भीलवाड़ा से भी खुश

बाबा रामदेव पीएम मोदी से अभिभूत, भीलवाड़ा से भी खुश

Baba Ramdev overwhelmed with PM Modi, happy with Bhilwara too योग गुरु बाबा रामदेव इन दिनों राजस्थान के वस्त्रनगरी में है। याने की भीलवाड़ा शहर बाबा रामदेव के योग में रमा हुआ है। दो दिन की भारी बारिश के बावजूद शनिवार को उनके साथ योग करने यहा यूं कहे सीखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मुख्य योग स्थल बदले जाने के बावजूद शांति भवन पहुंचे। उन्होंने सुबह शहर में मोदी ग्राउंड से लेकर दौड़ शुरू की जो कि शांति भवन पर जा कर ही रूकी।

बाबा रामदेव लगातार जनप्रतिनि धि, प्रबृद्धजनों, संगठनों एवं मीडिया से मिल रहे है। योग एवं सेहत के साथ ही देश के समसायिकी हालात पर खुल कर चर्चा भी कर रहे है। योग 17 साल पुराने भीलवाड़ा को अभी तक नहीं भूल पाए है। भीलवाड़ा में गत 17 साल में क्या बदलाव आया है और जिस प्रकार से विकास हुए है, उससे बाबा खुश है।

उनका कहना है कि संतों को राजनीति में आना चाहिए। योगी आदित्यनाथ भी संन्यासी हैं, जो उत्तरप्रदेश का शासन अच्छे से चला रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संन्यासी सरीखे हैं। मोदी फकीरी भाव से देशसेवा कर रहे हैं। मोदी अच्छे शासक हैं।

बाबा रामदेव ने कहा कि पाखंड कई तरह के होते हैं-जैसे राजनीतिक व धार्मिक। मीडिया व संत भी पाखंड से दूर नहीं हैं। हालांकि इन दोनों के बारे कुछ नहीं बोलूंगा। लोगों को पुरुषार्थवादी बनाना चाहता हूं। वैचारिक व धार्मिक पांखड़ चल रहा है। जातीय के बजाय राष्ट्रीयता का गौरव होना चाहिए।


रामदेव ने कहा कि शब्द व भाषा भेद से ईश्वर का भेद नहीं हो सका। ईश्वर को अलग-अलग नाम से पुकारते हैं, लेकिन सब धरती माता की संतान हैं। कुल वंश से अलग हो सकते हैं। संतों को सबको जोड़ने का काम करना चाहिए, न की तोड़ने का।

जो कार्य डब्ल्यूएचओ व मेडिकल नहीं कर पाए, वह योग से हो गया। बीपी, शुगर, थायराइड, अर्थराइटिस इससे दूर हो रहे हैं। योग दिल, किडनी व फेफड़ों की बीमारी भी दूर करता है। बच्चों में योग की आदत डालनी चाहिए। योग किसी भी धर्म, जाति या वर्ग विशेष का नहीं है। योग सबके लिए है।

योग को दुनिया भर में अहम स्थान मिला है। इसकी मांग भी है। पीएम मोदी ने योग को सार्वजनिक गौरव दिया। भारत के घर-घर तक योग पहुंच चुका है। कोरोना में योग करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। 177 देशों ने योग को स्वीकारा। देश में दो क्रांति लानी है-शिक्षा और चिकित्सा। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय योग शिविर का सबको लाभ लेना चाहिए। आदमी राजनीतिक करता है तो सत्ता मिल जाती है। पैसा कमाता है तो सुख सुविधा मिल सकती है, लेकिन योग से सब प्राप्त कर सकता है।


कार्यक्रम अध्यक्ष गोविंद सोडाणी ने बताया कि बाबा रामदेव का आदित्य विहार तेरापंथ नगर में 27 से 29 मई तक प्रतिदिन सुबह 5 से 7:30 बजे तक योग सिखाने का कार्यक्रम है। भीलवाड़ा में दो दिन से बारिश होने से तेरापंथ नगर में पानी भर गया। लिहाजा शनिवार सुबह 5 से 7:30 बजे तक शिविर मुख्य डाक घर के सामने शांति भवन में योग कराया गया। इसमें भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, पतंजलि योग समिति एवं भारत विकास परिषद, हार्टफुलनेस, जीतो के तत्वावधान में बाबा रामदेव ने योगाभ्यास कराया।