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चेम्बर ने मांगा आर्थिक पैकेज, कहा-कोरोना काल में अच्छे उद्योगों को भी डिफाल्टर श्रेणी में डाल रहे बैंक

केंद्र को भेजा प्रतिवेदन
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 20 May 2021, 10:50 PM IST

चेम्बर ने मांगा आर्थिक पैकेज, कहा-कोरोना काल में अच्छे उद्योगों को भी डिफाल्टर श्रेणी में डाल रहे बैंक

चेम्बर ने मांगा आर्थिक पैकेज, कहा-कोरोना काल में अच्छे उद्योगों को भी डिफाल्टर श्रेणी में डाल रहे बैंक

भीलवाड़ा।
मेवाड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इण्डस्ट्री ने केन्द्रीय वित्तमंत्री को प्रतिवेदन भेजकर उद्योग व व्यापार को कोरोना से बचाने के लिए तुरंत आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग की। चेम्बर महासचिव आरके जैन जैन ने बताया, सरकार को एमर्जेंसी क्रेडिट गारन्टी स्कीम पुन: लागू करनी चाहिए। 31 मार्च 2021 को बकाया कार्यशील पूंजी का 10 प्रतिशत अतिरिक्त कार्यशील पूंजी बैंकों द्वारा बिना अतिरिक्त कोलेटरल गारन्टी के उपलब्ध कराएं। आरबीआई को एनपीए के लिए नियम बदलकर बैंक ऋण भुगतान में डिफाल्ट की सीमा 90 दिन से बढ़ा 180 दिन की जाए। बैंक ऋण एवं ब्याज भुगतान में एक वर्ष के लिए स्थगन लागू किया जाए। पूर्व में घोषित विभिन्न राहत पैकेज की अवधि 31 मार्च 2022 तक बढ़ाए।
जैन ने बताया, बैंक कोरोना अवधि में जानबूझ कर अच्छे उद्योग व व्यवसाय को भी डिफाल्टर श्रेणी में डाल रहे हैं। इससे उद्योग एवं व्यापार के ऋण लेने की क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। कोरोना के दौरान उच्चतम न्यायालय ने मार्च से अगस्त 2020 की अवधि के लिए ब्याज पर ब्याज नहीं लेने को कहा था। इसी तरह अप्रेल 2021 से 2 तिमाही में साधारण ब्याज एवं ब्याज पर ब्याज नहीं लिया जाए। बैंक एमएसएमई उद्योगों को क्रेडिट रेटिंग के आधार पर ब्याज दर तय करते हैं। चेम्बर ने मांग की कि सरकार को बकाया विभिन्न अनुदान एवं जीएसटी रिफंड तत्काल करें। निर्यात बढाने के लिए इनरेस्ट इक्वेलाइजेशन स्कीम में टेक्सटाइल एवं अन्य उत्पाद को शामिल किया जाए।