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जानकारी के अभाव में रिटर्न में आ रही बाधा

जीएसटी लागू होने के इन पांच वर्षो में इतने सर्कुलर व नोटिफिकेशन निकले, जितने पुराने सेन्ट्रल एक्साइज एक्ट में भी नहीं निकले।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 23 Jul 2022, 9:10 AM IST

जानकारी के अभाव में रिटर्न में आ रही बाधा

जानकारी के अभाव में रिटर्न में आ रही बाधा

जीएसटी लागू होने के इन पांच वर्षो में इतने सर्कुलर व नोटिफिकेशन निकले, जितने पुराने सेन्ट्रल एक्साइज एक्ट में भी नहीं निकले। जीएसटी के सभी रिटर्न ऑनलाइन भरे जाते हैं। विभाग ऑनलाइन सिस्टम में भी परिवर्तन करता है। जानकारी के अभाव में रिटर्न भरने में बाधा आती है। यह बात कानूनी सलाहकार नरेन्द्र सिंघवी ने मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की शुक्रवार को जीएसटी में बदलाव व न्यायालय के निर्णय विषय पर वेबनार में कही।

उन्होंने कहा कि कुछ माह में जीएसटी को लेकर उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के कई अहम निर्णय आए हैं। इनमें उच्चतम न्यायालय का विभाग को ऑनलाइन सिस्टम पर सितम्बर-अक्टूबर के लिए ट्रांस-1 रिटर्न भरने की सुविधा पुनः देने का आदेश शामिल है।कई प्रकरणों में कोई विदेशी कम्पनी अपने भारतीय कार्यालय में विदेश से कर्मचारी को कार्य के लिए भेजती है तो ऐसे कर्मचारी पर खर्च वेतन आदि पर रिवर्स चार्ज के रूप में जीएसटी चुकानी होगी।

सीजीएसटी के सेक्शन 129 के अनुसार अगर किसी माल का परिवहन होते समय कानून का उल्लंघन होता है तो विभाग उस माल के साथ परिवहन कर रहे वाहन को भी रोक या जब्त कर सकता है। न्यायालय के अनुसार अगर माल परिवहन में गलत जीएसटी दर लगने या अन्य कोई दुर्भावनापूर्ण उल्लंघन नही हो तो विभाग माल या वाहन को जब्त नहीं कर सकता है। चेम्बर अध्यक्ष जीसी जैन ने स्वागत किया। महासचिव आरके जैन ने विषय की जानकारी दी। डॉ आरसी लोढ़ा, जेके बागडोदिया, जेसी लढ्ढा, सुधीर गर्ग, आईएम सेठिया, सुरेश पोद्दार, एसपी झंवर, राजीव मुखिजा आदि मौजूद रहे।