
तीन दशक बाद मेवाड़ के मुकुट पर फिर सजा भीलवाड़ा, नए पड़ौसी जिले शाहपुरा व ब्यावर
19 New District in Rajasthan
भीलवाड़ा.
तीन दशक बाद भीलवाड़ा जिला फिर से मेवाड़ के मुकुट (Crown of Mewar ) पर सज गया है। भीलवाड़ा को अजमेर संभाग से हटाकर उदयपुर संभाग में शामिल कर लिया गया है। शाहपुरा को विधिवत रूप से अलग करके नया जिला बना दिया है। शुक्रवार को घोषणा के साथ ही भीलवाड़ा जिले से 16 उपखंड से पांच उपखंड़ों का अस्तित्व अलग हो गया है। शाहपुरा जिले को अजमेर संभाग में शामिल किया गया है। शाहपुरा व ब्यावर अब भीलवाड़ा के नए पड़ौसी जिले बन गए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को केबिनेट की बैठक में मुहर लगने के बाद इसकी घोषणा की है। इस दौरान राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि अभी और भी जिले बनाए जाने की संभावना है। भीलवाड़ा जिले के दो भाग होने तथा शाहपुरा जिला बनने से मांडलगढ़ व बिजौलियां के लोग शाहपुरा जिले में शामिल किए जाने की संभावना के चलते आन्दोलन कर रहे थे, उन्हें अब राहत मिली है। शाहपुरा में काछोला को जोड़ा गया है। जिले की घोषणा तो की गई, लेकिन विधानसभा क्षेत्र वही रहेंगे। इनका सीमांकन वर्ष 2026 में होगा। इसकी पालना वर्ष 2028 में होगी। तब तक बदनोर, आसीन्द विधानसभा में तथा काछोला, मांडलगढ़ विधानसभा का ही हिस्सा रहेगा।
तीन दशक पहले भी उदयपुर संभाग में था भीलवाड़ा
भीलवाड़ा जिला तीन दशक पहले भी उदयपुर संभाग में शामिल था। उस समय न तो राजसमन्द जिला था ओर न प्रतापगढ़। उदयपुर संभाग में उदयपुर, डुंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ व भीलवाड़ा जिले शामिल थे। अजमेर उस समय जयपुर संभाग में था। नए सीमांकन के दौरान जयपुर से टोंक व अजमेर को तथा बीकानेर संभाग से नागौर को निकाला था। उदयपुर से भीलवाड़ा को निकालकर अजमेर संभाग में जोड़ा था।
शाहपुरा में 5 उपखण्ड व 6 तहसील शामिल-
नवगठित शाहपुरा जिले में छह तहसील व पांच उपखण्ड होंगे। इनमें शाहपुरा, जहाजपुर, काछोला, कोटड़ी, फूलिया कलां व बनेड़ा तहसील हैं। उपखण्ड में शाहपुरा, जहाजपुर, फूलियाकलां, बनेड़ा तथा कोटड़ी को शामिल किया है।
बदनोर को ब्यावर में जोड़ा-
बदनोर क्षेत्र के लोग पहले से ही ब्यावर जिले में जाना चाहते थे, उनकी मुराद पूरी हुई है। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों ने विरोध किया था कि उन्हें शाहपुरा के बजाय ब्यावर जिले में जोड़ा जाएं। यह मांग यथावत रखी गई है।
भीलवाड़ा में 12 तहसील, 10 उपखण्ड रहेंगे-
भीलवाड़ा जिले में अब 12 तहसीलें रहेगी। इनमें भीलवाड़ा, हमीरगढ़, मांडल, करेड़ा, आसीन्द, हुरडा, रायपुर, सहाड़ा, बिजौलियां, मांडलगढ़, सवाईपुर व अंटाली शामिल है। जबकि उपखण्ड की संख्या 10 रहेगी। इनमें भीलवाड़ा, मांडलगढ़, बिजौलियां, रायपुर, गंगापुर, आसीन्द, करेड़ा, हमीरगढ़, मांडल तथा गुलाबपुरा शामिल है। जबकि बदनोर तहसील व उपखण्ड को ब्यावर जिले में शामिल किया गया है।
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राजनीतिक सरगर्मी तेज-
शाहपुरा नया जिला बनने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी शुरू हो गई है। जिले की तस्वीर साफ हो गई है। लेकिन जिले के सीमांकन की तस्वीर वर्ष 2026 में होने वाले परिसीमन के बाद साफ होगी। चुनाव वर्तमान विधानसभा के आधार पर होने से फिलहाल राजनीतिक उथल-पुथल नहीं होगी। करीब 18 साल पहले वर्ष 2005-06 में विधानसभा क्षेत्र को लेकर परिसीमन हुआ था। माना जा रहा है कि इस साल विधानसभा चुनाव कई नेताओं के लिए उनके क्षेत्र का आखिरी चुनाव हो सकता है। इसके बाद नए जिलों के लिए नए परिसीमन से राजनीतिक समीकरण बदल जाएंगे।
शाहपुरा जिला बना, लेकिन राजस्व में खाली हाथ-
शाहपुरा को जिला बनाने से भीलवाड़ा का भौगोलिक परिदृष्य तो बदल गया है। लेकिन राजस्व के मामले में शाहपुरा खाली हाथ रहेगा। खनिज क्षेत्र से सबसे ज्यादा राजस्व हुरड़ा स्थित जिंक से सालाना करीब 1200 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार को मिलता है। इसमें से कुछ प्रतिशत राशि डीएमएफटी फंड में मिलती है। जो करीब 350 करोड़ रुपए प्रति वर्ष है। यह राजस्व अब भी भीलवाड़ा को मिलता रहेगा। काछोला व जहाजपुर में बनास व कुछ छोटी-बड़ी खदाने है, लेकिन राजस्व ज्यादा नहीं है।
11 लाख की आबादी कम होगी-
भीलवाड़ा जिले की वर्तमान में जनसंख्या करीब 29 लाख है। शाहपुरा को अलग जिला बनाने से करीब 4 लाख से अधिक की आबादी भीलवाड़ा से अलग हो जाएगी। इनमें जहाजपुर व काछोला उपखण्ड को मिलाने से करीब 7 लाख से अधिक आबादी भीलवाड़ा जिले से कम हो जाएगी।
शाहपुरा में 2 व भीलवाड़ा में 5 विधानसभा-
भीलवाड़ा जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं। शाहपुरा जिला बनने से अब शाहपुरा व जहाजपुर विधानसभा इसमें शामिल होगी। यह दोनों सीटे भाजपा के पास है। भीलवाड़ा जिले में पांच विधानसभा होगी। वर्तमान में तीन भाजपा व दो कांग्रेस के पास है।
सीसीबी तीन जिलों में काम करेगा-
केन्द्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) अब तीन जिलों के अधीन होगा। पहले यह एक भीलवाड़ा जिला था। अब शाहपुरा अलग होने से भीलवाड़ा व शाहपुरा जिले के अधीन होगा। वही बदनोर ब्यावर में जाने से ब्यावर जिले से भी सम्पर्क में रहना होगा।
भीलवाड़ा जिला-
क्षेत्रफल- 90 से 100 किलोमीटर होगा
आबादी- अनुमानित 18 लाख होगी
खासियत- बिजौलियां जैन मंदिर, बगडावत सवाईभोज मंदिर, मालासेरी डूंगरी, बंक्यारानी धाम, कई धार्मिक स्थल, भीलवाड़ा टेक्सटाइल व खनिज -खेती
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शाहपुरा जिला-
क्षेत्रफल- लगभग 52 किलोमीटर
आबादी- अनुमानित 11 लाख
खासियत- अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय की पीठ, आर्य समाज की तपोभूमि, केसरसिंह बारहठ, राष्ट्रीय संग्रालय, फंड चित्रकारी, स्वस्तिधाम जैन मंदिर, चवलेश्वर पार्श्वनाथ, कोटड़ी चारभुजानाथ मंदिर, फूलिया में छोटा पुष्कर धानेश्वर, धनोप माता, धाटारानी शक्ति पीठ, खनिज व खेती।
Published on:
05 Aug 2023 01:12 am
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