
अवैध बजरी खनन का विरोध करते ग्रामीण : फोटो पत्रिका
Bhilwara : भीलवाड़ा के आकोला कस्बे के निकट बहने वाली मेवाड़ की गंगा कहे जाने वाली बनास नदी में बजरी की लीज शुरू हो गई। जिसमें बजरी लीज धारक मशीनों से बजरी निकालने का कार्य कर रहे हैं। इसका कार्य का ग्रामीणों एवं बजरी खनन से जुड़े लोगों ने विरोध जताया। ग्रामीणों ने बजरी लीज धारक की मनमानी के खिलाफ आक्रोशित होकर डम्पर रुकवाया। नियमानुसार खनन करने एवं स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की।
शुक्रवार को ग्रामीण चांदगढ़ देवनारायण मंदिर पर चांदगढ़, आकोला, जीवा का खेडा, दोवनी, खजीना, होलीरड़ा, गेगा का खेड़ा, बड़लियास आदि गांवों के ग्रामीण एकत्रित हुए। बड़लियास थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि आकोला में बजरी लीज धारक महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड व उनके कर्मचारी जेसीबी व L.N.T मशीनों से बजरी निकाल रहे हैं। लीज क्षेत्र में बिना सीमा ज्ञान किए पानी को अवरूद्ध कर व बाहर से पत्थर लाकर डाल रहे है। उच्च न्यायालय जयपुर के आदेशों अनुसार बनास व कोठारी नदी में LNT व जेसीबी मशीनों पर सख्त प्रतिबंध है। उसके बावजूद भी लीजधारक LNT चलाकर बहते पानी को अवरुद्ध कर रहे है।
इसके अलावा भी चांदगढ़ में चारागाह भूमि में जगह-जगह वाहन के लिए कई रास्ते बना दिए हैं। जिससे चारागाह में सारी घास खराब हो गई। आवारा पशु भुखमरी की कगार पर है। चारागाह भूमि में रास्ते को बन्द करवाने व नियमानुसार रॉयल्टी राशि निर्धारित दर पर करवाने एवं स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की। तनाव की स्थिति को देखते हुए बड़लियास थाना प्रभारी देवराज सिंह मय जाप्ता मौके पर तैनात रहे।
Published on:
04 Oct 2025 02:29 pm
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