पेटे में किसानों ने पचास फ ीसदी हिस्से में सब्जियां, ककड़ी, खरबूजा और चारा समेत कई तरह की फसल बो रखी है। ये काश्तकार अपनी फ सल की पिलाई के लिए दिन,रात इंजन या अन्य स्रोत के माध्यम से पानी का अवैध रूप से दोहन कर रहे हैं। लेकिन पानी चोरी रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे। सबको लगता है कि ऐसा हर साल होता है, लेकिन इस बार तो हद ही हो गई कि तालाब के आधे से ज्यादा क्षेत्र को खेतों का रूप दे दिया गया है। पेटे में बचे पानी में कई जगह पंप लगे हुए है। जमीन में प्लास्टिक के पाइप तक डाले हुए है।