
रायपुर में लगेंगे 184 HSRP स्कैनिंग कैमरे(photo-patrika)
Bhilwara news : भीलवाड़ा शहर में अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की नजरों से नहीं बच पाएंगे। राजस्थान में भीलवाड़ा पहला शहर होगा जहां एआई आधारित स्मार्ट कैमरे से नजर रखी जाएगी। यह कैमरे फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने) वाले ऐप से जुड़कर काम करेंगे। शहर में अभी 80 लोकेशन पर 286 कैमरे काम कर रहे हैं। ये कैमरे अभी वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करते हैं। पुलिस इन कैमरों का इस्तेमाल किसी भी वारदात के बाद कैमरों की चेन बनाकर बदमाशों तक पहुंचने में करती है। लेकिन अब आने वाले दो माह में शहर के चार थाना क्षेत्र में 157 सीसीटीवी कैमरे एआई तकनीक आधारित होंगे। इसमें फेस रिकग्निशन के माध्यम अपराधी स्कैन किए जाएंगे। इसके बाद बदमाश पुलिस की नजर से बच नहीं सकेगा। एक कैमरे में तस्वीर कैद होने के बाद वह अन्य कैमरों में भी कैद हो जाएगी। यह भारत संचार निगम की ओर से लगाए जाएंगे। इसके लिए विधायक कोठारी ने तीस करोड़ का बजट बीएसएनएल को दिया है। बीएसएनएल लाइन से कैमरे जुड़ेंगे। इन कैमरो को बाद में पुलिस को सौप दिए जाएंगे। हर कैमरे की क्षमता एक हजार जीबी की होगी।
ऐसे काम करेगा फेस रिकग्निशन सिस्टम
बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक प्रकाश पंचोली ने बताया कि जल्द ही शहर के एक्सिट और एंट्री पाइंट पर 157 कैमरे लगाए जाएंगे। इन स्थानों पर फिक्स और एनपीएआर (नंबर प्लेट रीड करने वाले) कैमरे लगाए जाएंगे। इसका जल्द ही टेंडर जारी होंगे। एआई के लिए सिस्टम अपग्रेड होगा। एआई सॉफ्टवेयर काम करेगा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, भीड़भाड़ वाले इलाके, मार्केट, धार्मिक स्थल और शापिंग माॅल में यह सिस्टम शुरूआत में काम करेगा।एआई आधारित होगा शहर
विधायक कोठारी ने कहा कि समाजकंटकों की ओर से उत्पन्न समस्याओं से आमजन को नुकसान उठाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए स्मार्ट कैमरे लगाने को कहा है। बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक पंचोली ने बताया कि योजना लागू के लिए कलक्टर जसमीत सिंह संधू, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव व विधायक कोठारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। एसपी ने मैनुअल मॉनिटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके तहत सीसीटीवी फुटेज से चेहरे एक्सट्रैक्ट करने जैसे कार्य प्रगति पर हैं। इन कैमरों का डाटा थानों के साथ कंट्रोल रूम और अभय कमांड सेंटर, अजमेर में भी उपलब्ध रहेगा। इन कैमरों को ऑटोमेटिक चालान सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा, वाहनों की गति नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में भी उपयोग होगा।
Published on:
03 Apr 2025 11:04 am
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