
नगर परिषद- नगर विकास न्यास: थोड़ा शहर पर भी दीजिए ध्यान
केस 01-पांसल चौराहे से कुछ दूर मुख्य सड्क गड्ढों से अटी पड़ी है। व्यस्त मार्ग होने के बावजूद इस पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है। इससे आए दिन हादसों का भय बना रहता है।
केस 02-शहर के 100 फीट रोड पर तीन माह से गड्ढा जानलेवा बना है। इस मार्ग से वाहन निकालना जोखिम भरा है। आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं। नगर परिषद सुनवाई नहीं कर रही है।
केस 03-पांसल चौराहे से आजाद नगर एवं कुंभा मार्ग पर मवेशियों का जमावड़ा आम बात है। डिवाइडर एवं बीच रास्ते में पशुओं के डेरा डालने के दृश्य शहर में कई जगह नजर आते हैं।
भीलवाड़ा. प्रदेश में स्मार्ट सिटी की ओर कदम बढ़ा रहे शहरों के बीच कुछ ऐसी ही गंदी तस्वीर वस्त्रनगरी की है। यहां सड़कें खुदी पड़ी है। सड़कों पर मवेशी राज है। साढ़े पांच लाख से अधिक की आबादी के इस शहर में यातायात दबाव भी अधिक है। अधिकांश सड़कों पर सुबह से रात तक आवाजाही रहती है। इसके बावजूद मुख्य सड़कों को ठीक करने एवं मवेशियों से आए दिन हो रहे हादसों की रोकथाम को लेकर जिम्मेदार जागे नहीं हैं। करीब दस किलोमीटर के दायरे के शहर में सात दिन की पड़ताल में आमजन से जुड़ी ऐसी समस्याओं का ढेर मिला है। इसी बीच शहर की साफ-सफाई व्यवस्था भी बेपटरी है। मुख्य सड़कों व मोहल्लों में कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। पेश है रिपोर्ट-
कोई सुनने वाला ही नहीं100 फीट रोड़ के निकट रहने वाले बहिरन भाई का कहना है कि तीन माह से सड़क पर गड्ढा है। बरसात में ये पूरी तरह से भर जाता है। इससे पैदल चलना भी परेशानी भरा है। अंकित कुमार का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद को भी जानकारी दे चुके, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
नर्मदा विहार के आशीष लड्ढा कहते हैं, एक साल से बीच सड़क पर जानलेवा गड्ढा है। इसमें पत्थर भरकर जैसे-तैसे आवाजाही हो रही है। मुकेश कुमार ने कहा कि बड़े वाहनों की आवाजाही भी इस मार्ग पर रहती है। कई बार हादसे हो चुके हैं। तीन दिन पहले भी बड़ा हादसा हुआ था। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देना चाहिए।ये है जिम्मेदार
- नगर परिषद- नगर विकास न्यास
- स्थानीय जनप्रतिनिधि- ठेकदार एजेंसी
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सभापतिजी- ये हालात पूरे शहर में है
शुक्रवार को नगर परिषद सभापति राकेश पाठक, उपखण्ड अधिकारी ओमप्रभा एवं आयुक्त दुर्गाकुमारी नगर परिषद के प्रशासन शहरों के संग शिविर के दौरान कावाखेड़ा पहुंचे। यहां पट्टे के लाभार्थी के मकान से कुछ दूरी पर ही कचरे का ढेर लगा था। इसी मार्ग से सभापति व अधिकारी भी निकले। शहर में ऐसे ही हालात अन्य जगह पर भी है। इसके बावजूद स्थायी समाधान को लेकर त्वरित पहल नहीं हो पा रही है।
Published on:
16 Jul 2022 04:13 pm
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