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Bhilwara News:बड़ा सवाल: बिन अधिकार कैसे खर्च किए 9.81 करोड़ रुपए

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में दो साल पूर्व जिले के 6 हजार से अधिक स्वच्छाग्रही को दिए प्रशिक्षण व प्रचार प्रसार मद में अनुमत से अधिक राशि खर्च करने का मुद्दा चर्चा का विषय बना है।

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Bhilwara News:बड़ा सवाल: बिन अधिकार कैसे खर्च किए 9.81 करोड़ रुपए

Bhilwara News:बड़ा सवाल: बिन अधिकार कैसे खर्च किए 9.81 करोड़ रुपए

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में दो साल पूर्व जिले के 6 हजार से अधिक स्वच्छाग्रही को दिए प्रशिक्षण व प्रचार प्रसार मद में अनुमत से अधिक राशि खर्च करने का मुद्दा चर्चा का विषय बना है। केआरसी एजेंसी देवऋषि एजूकेशनल सोसायटी देहरादून के माध्यम से दिए प्रशिक्षण में स्वच्छाग्रही को हर पंचायत के घर-घर जाकर प्रपत्र भराना था। इसमें शौचालय का इस्तेमाल, गांव में निर्मित शौचालय 1 गड्ढे वालाया 2 गड्ढे वाला या सोख्ता गड्ढा है या सेप्टिक टैंक जैसी जानकारी जुटानी थी। हालांकि ये स्वच्छाग्रही आज भी कोई काम नहीं कर रहे हैं।

जिला परिषद की आंतरिक जांच रिपोर्ट में दो साल में 18 लाख 73 हजार 606 रुपए व्यय करने थे, वहां 9 करोड़ 81 लाख 11 हजार 904 रुपए खर्च कर दिए गए। संविदा पर लगे एसबीएम कोर्डिनेटर दिनेश चौधरी को एक रुपए का पेन खरीदने तक का अधिकार नहीं था तो सवाल है कि इतनी बड़ी राशि किसके आदेश पर खर्च की गई। इसका रिपोर्ट में खुलासा नहीं किया गया। जिला परिषद के कर्मचारियों का मानना है कि इस मामले में उच्च अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पूरे राजस्थान में कोरोना काल में यही स्थिति थी।

केआरसी प्रशिक्षण पर व्यय
जयपुर से आई जांच टीम ने केआरसी प्रशिक्षण पर किए व्यय से संबंधित पत्रावली व नोटशीट जांची। नोटशीट पर केआरसी की विभिन्न गतिविधियों की कार्रवाई की गई। इसके अनुसार केआरसी एजेंसी देवऋषि एजूकेशनल सोसायटी देहरादून को 60 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से 120 (5 दिवसीय) प्रशिक्षण किए जाने के लिए 360 लाख के विरूद्ध 180 लाख का अग्रिम भुगतान 31 मई 2019 को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृती के साथ किया गया। इस अग्रिम राशि के विरुद्ध फर्म की ओर से प्रशिक्षण के 277.20 लाख के बिल प्रस्तुत किए गए। रिकाॅर्ड के अनुसार केआरसी फर्म को 19 फरवरी 2020 को 75 लाख का अग्रिम भुगतान किया गया। उसके बाद कोरोना महामारी शुरू होने से इस राशि का समायोजन तक नहीं हो पाया।
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पांच सदस्यीय कमेटी ने किया था चयन
स्वच्छाग्रही की ट्रेनिंग के लिए सरकार ने देहरादून की कम्पनी समेत अन्य कम्पनियोें के नाम जिला प्रशासन को भेजे थे। जिला प्रशासन ने पांच सदस्यों की टीम बना कई कम्पिनयों के साक्षात्कार लेने के बाद देवऋषि एजूकेशनल सोसायटी का चयन किया था।

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आईईसी मद में किए व्यय का वर्षवार विवरण
वर्ष कुल व्यय अनुमत व्यय किया व्यय व्यय अंतर अंतर प्रतिशत
2014-15 2,69,42,000 10,10,325 7,57,940 2,52,385 24.98
2015-16 23,69,83,200 88,86,870 2,17,430 86,69,440 97.55
2016-17 98,58,64,800 3,69,69,930 3,56,880 3,66,13,050 99.03
2017-18 1,71,24,54,892 6,42,17,058 1,16,66,769 5,25,50,289 81.83
2018-19 46,73,60,200 1,75,26,008 1,75,07,288 18,720 0.11
2019-20 4,45,44,328 16,70,412 6,90,60,991 -6,73,90,579 -4,034.37
2020-21 54,18,504 20,3,194 2,76,24,519 -2,74,21,325 -13,495.15
2021-22 4,91,53,563 18,43,259 6,40,468 12,02,791 65.25
कुल योग 3,52,87,21,487 13,23,27,056 12,78,32,285 44,94,771 3.40