सिंथेटिक मसाले घिटया तेल
फास्ट फूड के ठेलों पर चाऊमीन, पाव-भाजी, डोसा, मंचूरियन, चिली पनीर, इडली-सांभर, बर्गर और मोमोज आदि बिक रहे हैं। इन्हें तैयार करने में सिंथेटिक पनीर, घटिया तेल, मसाले और सब्जी काम में लिए जा रहे हैं तथा कई घातक रसायन मिलाए जा रहे हैं। इन्हें खाने से लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। पेट, लीवर और किडनी सम्बन्धी बीमारियां हो रही है। मोटापा भी बढ़ रहा है।
कई केमिकल तक मिलाते हैं
रेस्टारेंट और फास्ट फूड में स्वाद के लिए एजिनोमोटो व मोनो सोडियम ग्लूमेट नामक रसायन मिलाया जाता है । असल में खाना शुद्ध या ताजा न हो तो भी इस केमिकल की वजह से स्वादिष्ट लगता है। विशेषज्ञ इसकी वजह जीभ की स्वाद ग्रंथियों का उत्तेजित होना मानते हैं। जरूरत से ज्यादा उपयोग बांझपन, माइग्रेन, ब्लड प्रेशर, न्यूरॉन्स से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। विभाग ने एक होटल पर कार्रवाई करते घातक केमिकल पकड़े थे लेकिन उसके बाद भी कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।