जैन ने बताया कि जहां एक ओर अजमेर विद्युत वितरण निगम ने वर्ष 2022-23 के लिए विद्युत दरों में बढ़ोतरी नहीं करने की बात कही है, वहीं कई बिंदुओं पर अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ोतरी करने का विरोध किया।
निगम ने रात में 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऑफ पीक ऑवर्स में विद्युत उपयोग पर 15 प्रतिशत छूट को घटाकर 10 प्रतिशत करना प्रस्तावित करने का विरोध करते हुए चेम्बर ने ऑफ पीक ऑवर्स की छूट को 25 प्रतिशत करने की मांग की। जैन ने नियामक आयोग को बताया कि राजस्थान अतिरिक्त (सरप्लस) विद्युत उपलब्धि वाला राज्य है। कई बार अतिरिक्त उपलब्ध बिजली बहुत कम दरों पर विशेष कर रात में बाहर बेचनी पड़ती है। जो निगम व उपभोक्ताओं दोनों के ही हित में नहीं है। ऑफ पीक ऑवर्स की छूट को 25 प्रतिशत करने से न केवल उद्योग लाभान्वित होंगे वरन विद्युत वितरण निगम भी लाभ में रहेगा। उन्होंने ऑफ पीक ऑवर्स की छूट में सभी उद्योगों को सम्मिलित करने की भी मांग की।
स्थाई प्रभार कम करने पर जोर
चेम्बर ने औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए राजस्थान में स्थाई प्रभार की दरों में कमी करने, पॉवर फैक्टर रिबेट में वर्तमान में 95 प्रतिशत से अधिक पर मिल रही 0.1 प्रतिशत रिबेट को यथावत रखने की मांग की।