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Bhilwara news: विद्युत दरों में अप्रत्यक्ष बढ़ोतरी

अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से 2022-23 के लिए विद्युत दरों के संबंध में राजस्थान विद्युत नियामक आयोग में मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की ओर से दाखिल प्रति याचिका पर नियामक आयोग ने वीसी के माध्यम से व्यक्तिगत सुनवाई की। महासचिव आरके जैन ने चेम्बर की ओर से विभिन्न बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 24 Jun 2022, 8:32 AM IST

Bhilwara news: विद्युत दरों में अप्रत्यक्ष बढ़ोतरी

Bhilwara news: विद्युत दरों में अप्रत्यक्ष बढ़ोतरी

अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से 2022-23 के लिए विद्युत दरों के संबंध में राजस्थान विद्युत नियामक आयोग में मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की ओर से दाखिल प्रति याचिका पर नियामक आयोग ने वीसी के माध्यम से व्यक्तिगत सुनवाई की। महासचिव आरके जैन ने चेम्बर की ओर से विभिन्न बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा।


जैन ने बताया कि जहां एक ओर अजमेर विद्युत वितरण निगम ने वर्ष 2022-23 के लिए विद्युत दरों में बढ़ोतरी नहीं करने की बात कही है, वहीं कई बिंदुओं पर अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ोतरी करने का विरोध किया।
निगम ने रात में 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऑफ पीक ऑवर्स में विद्युत उपयोग पर 15 प्रतिशत छूट को घटाकर 10 प्रतिशत करना प्रस्तावित करने का विरोध करते हुए चेम्बर ने ऑफ पीक ऑवर्स की छूट को 25 प्रतिशत करने की मांग की। जैन ने नियामक आयोग को बताया कि राजस्थान अतिरिक्त (सरप्लस) विद्युत उपलब्धि वाला राज्य है। कई बार अतिरिक्त उपलब्ध बिजली बहुत कम दरों पर विशेष कर रात में बाहर बेचनी पड़ती है। जो निगम व उपभोक्ताओं दोनों के ही हित में नहीं है। ऑफ पीक ऑवर्स की छूट को 25 प्रतिशत करने से न केवल उद्योग लाभान्वित होंगे वरन विद्युत वितरण निगम भी लाभ में रहेगा। उन्होंने ऑफ पीक ऑवर्स की छूट में सभी उद्योगों को सम्मिलित करने की भी मांग की।
स्थाई प्रभार कम करने पर जोर
चेम्बर ने औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए राजस्थान में स्थाई प्रभार की दरों में कमी करने, पॉवर फैक्टर रिबेट में वर्तमान में 95 प्रतिशत से अधिक पर मिल रही 0.1 प्रतिशत रिबेट को यथावत रखने की मांग की।

साथ में नियामक आयोग ने वर्ष 2020 के टैरिफ आदेश में औद्योगिक उपभोक्ताओं के उपभोग के लिए अतिरिक्त वृद्धि शील उपभोग पर मध्यम औद्योगिक पॉवर उपभोक्ताओं को 55 पैसे प्रति यूनिट व वृहद औद्योगिक पॉवर उपभोक्ताओं को 85 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी थी, जिसका आधार पूर्व वर्ष का उपभोग माना गया था। चेम्बर ने इस छूट के लिए पिछले तीन वर्षो के औसत उपभोग को आधार मानने का आग्रह किया।

क्रॉस सब्सिडी वृद्धि का विरोध

जैन ने आयोग को बताया कि अजमेर निगम की ओर से दाखिल याचिका में उद्योगों के लिए क्रॉस सब्सिडी दरों में 2 से 3 गुणा वृद्धि प्रस्तावित की गई है, जो कि राष्ट्रीय टैरिफ नीति 2006 के विरुद्ध है। चेम्बर ने क्रॅास सब्सिडी चार्ज को बढाने के बजाय राष्ट्रीय टैरिफ नीति 2006 की धारा 8.3 के अनुरूप कम करने की मांग की है। इसी तरह ऑपन ***** में अतिरिक्त सरचार्ज 80 पैसा प्रति यूनिट लगाने का भी विरोध दर्ज कराते हुए इसी समाप्त करने की मांग की है।