
Ten characteristic festivals of Digambar Jain society
Bhilwara news : दिगंबर जैन समाज के चल रहे दस लक्षण पर्व के सातवें दिन जैन मंदिरों में भगवान का अभिषेक करने की श्रावकों में होड रही। उत्तम तप धर्म की आराधना की गई। भक्ति संगीत के साथ पूजा की जा रही है।
शास्त्रीनगर मैन सेक्टर सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में स्वयं सेवा संस्थान के सदस्यों से सामूहिक रूप से अभिषेक व शांतिधारा व रिद्धी मंत्रों से अभिषेक किया। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि पार्श्वनाथ, आदिनाथ, पदमप्रभु एवं मुनिसुव्रतनाथ भगवान पर स्वयं सेवा संस्थान के सदस्यों ने शांतिधारा की। कोमल, मासूम, तनुज गदिया ने भी रिद्धी मंत्रों से अभिषेक किया। पांडुशिलाओ पर विराजमान जिन प्रतिमाओं पर शांतिदेवी बडजात्या, अशोक बडजात्या, सीमा गदिया, महावीर प्रसाद वैद ने शांतिधारा की। शाम को आरती के बाद कटनी से आए पंडित अमन शास्त्री का प्रवचन हुआ। महिला मंडल की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। चौधरी ने बताया कि रविवार रात मंदिर में भजन संध्या होगी।
आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पंडित आलोक मोदी ने बताया कि इच्छाओं का निरोध करना एवं आत्मस्वरूप में लीनता लाना ही तप है।मंदिर में शनिवार सुबह एनसी जैन, अभिषेक ठोलिया ने स्वर्ण मुकुट धारण कर 108 रिद्धी मंत्रों से अभिषेक किया। महेन्द्र, विपिन सेठी ने शांतिनाथ भगवान पर शांतिधारा की। रतनलाल कोठारी, विमल पाटनी, भंवर लाल विनायका, अक्षय पाटनी, ओम चंद रिखबचंद, सनत कुमार अजमेरा, कैलाश सोनी, राकेश पहाडिया, राजकुमार अजमेरा ने अन्य प्रतिमाओं पर शांतिधारा की।
विकारों पर विजय प्राप्त करना ही उत्तम तप धर्म
शास्त्रीनगर हाउसिंग बोर्ड स्थित सुपार्श्वनाथ मंदिर में उत्तम तप धर्म की आराधना की गई। आचार्य सुंदरसागर ने कहा कि समस्त रागादि भावों के त्यागपूर्वक आत्मस्वरूप में अपने में लीन होना यानि आत्मलीनता से विकारों पर विजय प्राप्त करना ही तप धर्म है। आर्यिका संस्कृति माता ने तप धर्म के बारे में विस्तार से चर्चा की। महावीर दिगम्बर जैन सेवा समिति अध्यक्ष राकेश पाटनी ने बताया कि सुबह सुरेश कुमार लुहाड़िया ने शांतिधारा की। आरती रक्षादेवी छाबड़ा ने की। मीडिया प्रभारी भागचंद पाटनी ने बताया कि संगीतकार हर्ष व पंडित पदमचंद काला के निर्देशन में पूजा की जा रही है। शाम को सुपार्श्वनाथ जागृति मंच के तत्वावधान में कवि सम्मेलन हुआ। बापूनगर स्थित पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में कमलचंद कासलीवाल व अशोक पाटोदी ने पदम प्रभु भगवान, प्रकाश अग्रवाल ने आदिनाथ भगवान व मयंक पाटनी ने मुनिसुव्रतनाथ भगवान पर शांतिधारा की। आमलियों की बारी के अजारदारान दिगंबर मंदिर में पूजा की गई। नवीन चौधरी ने बताया कि श्रीजी की प्रतिमाओं पर शांतिधारा की गई।
Published on:
15 Sept 2024 11:12 am
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