13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bhilwara news : अब कपड़ा उद्योग ज्यादा देगा नौकरियां, जमीन पर उतरेगा पांच हजार करोड़ का निवेश

- राजस्थान टैक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी घोषित, पत्रिका की खबर पर मुहर - वस्त्रनगरी के उद्योपतियों की लंबे समय से थी मांग, सरकार से हुई पूरी आस

2 min read
Google source verification
Now the textile industry will provide more jobs, an investment of five thousand crores will be put on the ground

Now the textile industry will provide more jobs, an investment of five thousand crores will be put on the ground

Bhilwara news : भीलवाड़ा टेक्सटाइल सिटी के लिए मंगलवार को खुशखबरी आई। वस्त्रनगरी की बहुप्रतीक्षित मांग पर राज्य सरकार ने मुहर लगा दी। सरकार ने राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी-2025 घोषित की। इससे भीलवाड़ा के कपड़ा कारोबार को नई ऊंचाइयां छूने में मदद मिलेगी। टेक्सटाइल जगत को प्रगति के पंख लगेंगे। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। राजस्थान पत्रिका ने सरकार में अटकी पॉलिसी को लेकर दमदार तरीके से खबर का प्रकाशन किया था। इसके बाद सरकार ने पॉलिसी घोषित की है। इस पॉलिसी से करीब 5 हजार करोड़ के हाल ही में हुए एमओयू भी अब धरातल पर उतरेगा। इस पॉलिसी का फायदा भीलवाड़ा, पाली, बालोतरा, किशनगढ, जोधपुर, जयपुर, भिवाड़ी, बांसवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योगों को होगा।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

राजस्थान पत्रिका के 29 जनवरी के अंक में खाका ख्रींचा...नीति बनाना भूले, नतीजा-अटकेंगे निवेश के करार शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किए थे। इसमें बताया था कि सरकार ने ड्राफ्ट जारी कर नीति बनाना भूल गई थी। इसके अभाव में नवबंर 2024 में भीलवाड़ा में इन्वेस्टर समिट में हुए एमओयू भी धरातल पर नहीं उतर पाएंगे, पर जोर दिया था। सरकार ने इस पॉलिसी पर मुहर लगाते हुए मंगलवार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल की बैठक में मंजूरी दी। प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के लिए राजस्थान टैक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी व राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी समेत अन्य पॉलिसी को हरी झंडी दी गई। इसके अलावा रीको औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को गति देने के उद्देश्य से राजस्थान लैंड रेवेन्यू (अमेंडमेंट वैलिडेशन) बिल लाया गया है।

ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मददगार

सरकार वस्त्र व परिधान के क्षेत्र में प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना चाहती है। क्षेत्र के सतत व समग्र विकास के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास, नवाचार, उत्पादकता और निर्यात को बढ़ावा देगी। वैश्विक स्तर पर उद्योगों की दक्षता व विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इस नीति से प्रदेश के वस्त्र उत्पादक लाभान्वित होंगे और राज्य में लगभग 40 हजार करोड़ रुपए के संभावित निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। भीलवाड़ा में करीब 5 हजार करोड़ के हुए एमओयू भी धरातल पर आएंगे।

राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025

औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने और कनेक्टिविटी में वृद्धि कर लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाने के उद्देश्य से राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 को भी मंजूर किया। यह नीति लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित कर रोजगार सृजन में सहायक सिद्ध होगी। वेयरहाउस, साइलो, कोल्ड स्टोरेज, इनलैंड कंटेनर डिपो, कंटेनर फ्रेट स्टेशन, एयर फ्रेट स्टेशन, कार्गाे टर्मिनल, ट्रकर पार्क, निजी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और एकीकृत लॉजिस्टिक्स पार्क डेवलपर्स के लिए कैपिटल सब्सिडी, ब्याज अनुदान सहित कर एवं शुल्कों में विभिन्न रियायतों के आकर्षक प्रावधान किए गए हैं।

पॉलिसी के लिए दिए थे सुझाव

मेवाड़ चैम्बर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव आरके जैन व भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष एवं सांसद दामोदर अग्रवाल ने कई सुझाव दिए थे। इस संबन्ध में जयपुर बैठक में मनीष चांडक व अंकित शर्मा भी शामिल थे।

फैक्ट फाइल

एक नजर में भीलवाड़ा टेक्सटाइल

संबंधित खबरें

  • 14 जिनिंग उद्योग
  • 18 स्पिनिंग इकाइयां
  • 375 वीविंग इकाइयां
  • 21 प्रोसेस हाउस
  • 100 रेडिमेड इकाई
  • 90 टीएफओ
  • उत्पादन प्रतिवर्ष
  • 80 करोड़ मीटर कपड़ा
  • 40 करोड़ मीटर डेनिम
  • 5.50 लाख टन यार्न
  • निर्यात प्रतिवर्ष
  • 60 प्रतिशत यार्न
  • 15 प्रतिशत कपड़ा
  • 60 प्रतिशत डेनिम