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Bhilwara news: जांच का दायरा बढ़ा, लैब टैक्नीशियन नहीं

राज्य सरकार ने अप्रेल से निशुल्क चिकित्सा जांचों का दायरा बढ़ाया लेकिन तकनीकी कार्मिकों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ। नतीजतन तकनीकी कार्मिकों पर काम का दबाव बढ़ा है, वहीं मरीजों की भी परेशानी बढ़ गई।

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Bhilwara news: जांच का दायरा बढ़ा, लैब टैक्नीशियन नहीं

Bhilwara news: जांच का दायरा बढ़ा, लैब टैक्नीशियन नहीं

राज्य सरकार ने अप्रेल से निशुल्क चिकित्सा जांचों का दायरा बढ़ाया लेकिन तकनीकी कार्मिकों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ। नतीजतन तकनीकी कार्मिकों पर काम का दबाव बढ़ा है, वहीं मरीजों की भी परेशानी बढ़ गई। मार्च में एमजीएच में औसतन 10 हजार निशुल्क जांचे होती थी, जो अब 15 हजार तक पहुंच गई। एमजीएच में लंबे अर्से से लैब टेक्नीशियन की भर्ती नहीं हो रही है। पद रिक्त होने पर तबादले से भर दिया जाता है, लेकिन नई नियुक्ति नहीं होती।


जिले में लैब टेक्नीशियनों के 117 पद स्वीकृत है। इनमें 63 खाली हैं। 54 भरे पदों में 24 संविदाकर्मी हैं। एमजीएच में 5 पद वरिष्ठ तकनीकी सहायक के खाली हैं। एमजीएच में हर तरह की सुविधा बढ़ने से मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यहां प्रतिदिन औसतन 2200 मरीज आते हैं। ऐसे समय मरीजों की संख्या देखते कम से कम 50 लैब टेक्नीशियन होने चाहिए।

115 सेन्टरों पर होती जांचे
जिले में करीब 115 सेन्टर है जहां कई तरह की जांचें होती है। इनमें एमजीएच में 90, सेटेलाइट अस्पताल शाहपुरा में 67, 28 सामुदियाक स्वास्थ्य केन्द्र में 37, 75 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 15 जांच के अलावा मांडलगढ़ डिस्पेंसरी, शहरी डिस्पेंसरी में भी जांचें हो रही है। एमजीएच में औसतन हर माह 15 हजार से अधिक जांच होती है।

विभागों के अलग भवन
जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे विभागों के नए भवन बनते रहे। लेकिन लैब टेक्नीशियनों की संख्या नहीं बढ़ाई। अस्पताल में प्रसूति रोग विभाग, ट्रोमा सेंटर, डायबिटीज सेंटर, टीबी अस्पताल, मानसिक रोग आदि कई विभाग बन गए लेकिन लैब टेक्नीशियनों की संख्या नहीं बढ़ी है।

अधीक्षक को सौंपा पत्र
लैब टेक्नीशियन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ईश्वरसिंह तंवर का कहना है कि उन्होंने अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ को पदों की संख्या बढ़ाने के संबंध में मांग पत्र सौंपा। पत्र में मांग की कि लैब टेक्नीशियनों के पुराने स्टाफिंग पैटर्न में बदलाव के साथ ही नए पद भी सृजित किए जाएं।

सभी जगह हो रही जांच
जिले में निशुल्क जांच योजना में जिले के 115 सेन्टरों पर मरीजों की जांचें की जा रही है। कुछ जगह लैब टेक्नीशियनों की कमी है। फिर भी मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए संविदा पर कर्मचारी लगा जांच करा रहे हैं।
घनश्याम चावला, डिप्टी सीएमएचओ