शहर के विकास चिन्तकों का कहना है कि सीएम गहलोत के प्रोजेक्ट को पूरा करने का काम अधिकारियों का है, लेकिन वे इस प्रोजेक्ट को भूल गए। हाईलेवल ब्रिज लॉ लेवल का बनकर रह गया। जोधड़ास ओवरब्रिज का काम भी अधूरा है। अब तक न्यास ने 100 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
इन तीन कारण से अटका प्रोजेक्ट
- योजना बनने के बाद इसका कोई फॉलोअप नहीं किया गया।
- योजना से जुड़ी फाइल किसके पास है, यह किसी को ध्यान नहीं है।
- योजना के तहत धारा 32 की कार्रवाई हो गई, लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ।
---
पता करते हैं, कहां अटका मामला
मिनी सचिवालय की योजना मेरे से पहले की है। ऐसे भी यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है। फिर भी इसकी जानकारी फाइल देखने के बाद ही बता सकता हूं कि मामला कहां अटका हुआ है।
-अजय आर्य, सचिव, नगर विकास न्यास, भीलवाड़ा