हर बोर्ड में खर्च हुए करोड़ों रुपए, समाधान के नाम पर कुछ नहीं
नगर परिषद में हर बोर्ड बैठक में इसके सौन्दर्य पर करोड़ों रुपए खर्च करने के प्रस्ताव लिए गए। गांधीसागर तालाब का सौन्दर्यकरण तो नहीं हुआ लेकिन इसके नाम पर जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने अपनी जेबें जरूर भरी। 1995 से लेकर अब तक 8 करोड़ से अधिक की राशि गांधी सागर के सौंदर्यकरण पर खर्च की जा चुकी। इसके बावजूद भाजपा बोर्ड पांच करोड़ और खर्च करने की तैयारी कर रही है। यह राशि तालाब की सफाई, आईलैंड का विकास, फाउंटेन व सौंदर्यीकरण के नाम गिनाई जा रही है।जबकि हकीकत यह है कि तालाब में गंदे पानी के नाले आने से नहीं रूक रहे। इस समय गांधी सागर में सात नाले आकर गिर रहे है। एनजीटी भी इसे लेकर कई बार निर्देश दे चुका है लेकिन परिषद ने कोई परवाह नहीं दिखाई।