बजट से भीलवाड़ा की सुधरेगी सेहत

Bhilwara's health will improve with budget मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सहाड़ा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य बजट में भीलवाड़ा जिले को कई सौगातें दी। कभी देश का कोरोना का एपिक सेंटर बन चुके भीलवाड़ा के लिए चिकित्सा-स्वास्थ्य और पेयजल योजनाओं पर विशेष फोकस किया गया है। जिला मुख्यालय पर नया चिकित्सालय, आइसीयू व नर्सिंग कॉलेज खोलने की बड़ी घोषणा हुई है।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 25 Feb 2021, 11:17 AM IST

भीलवाड़ा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सहाड़ा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य बजट में भीलवाड़ा जिले को कई सौगातें दी। कभी देश का कोरोना का एपिक सेंटर बन चुके भीलवाड़ा के लिए चिकित्सा-स्वास्थ्य और पेयजल योजनाओं पर विशेष फोकस किया गया है। जिला मुख्यालय पर नया चिकित्सालय, आइसीयू व नर्सिंग कॉलेज खोलने की बड़ी घोषणा हुई है। शाहपुरा सैटेलाइट चिकित्सालय को जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की सालों पुरानी मांग पूरी की गई है। Bhilwara's health will improve with budget

सहाड़ा में राजकीय कन्या महाविद्यालय व मांडल क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने से जिले में उच्च बालिका शिक्षा व रोजगार की नई राह खुलेगी। बागोर साहिब को धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने से देश दुनिया में भीलवाड़ा पर्यटन नक्शे पर उभरेगा। वाणिज्यिक (कर्मिशियल) न्यायालय से आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों को अलग से सुनने की व्यवस्था से समय पर न्याय मिलेगा। एमएनएसटी योजना में ब्याज, पेनल्टी व टैक्स में छूट से उद्यमियों को राहत मिली है। जिले को नए पुलिस थाने व चौकी नहीं मिलने, बिजली की दरों में छूट नहीं मिलने, कृषि क्षेत्र में नई घोषणा नहीं होने , हमीरगढ़ अभ्यारण क्षेत्र व हवाई अड्डे को लेकर घोषणा नहीं होने से निराशा भी हाथ लगी है।

वैश्विक महामारी के दौर में कोरोना को नियंत्रित करते हुए भीलवाड़ा पूरी दुनिया में मॉडल के रूप में उभरा। मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट के दौरान भीलवाड़ा मॉडल की सराहना की। कोरोना काल को देखते जिले में चिकित्सा सेवा पर विशेष फोकस रखा गया। महात्मा गांधी चिकित्सालय में ७१ करोड़ रुपए की लागत से २०५ बैड क्षमता का नवीन चिकित्सालय व ३० बैड का नया आईसीयू विकसित होगा। जिला मुख्यालय पर नर्सिंग कॉलेज भी बनेगा।

गंगापुर में जिले का दूसरा गल्र्स कॉलेज

प्रदेश में चार दिवंगत विधायकों के नाम पर सरकार ने राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की। जिले में यह सौगात गंगापुर में कन्या महाविद्यालय के रूप में मिली है। कन्या महाविद्यालय का नाम दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी के नाम पर रखा है। यह जिले का दूसरा कन्या महाविद्यालय होगा। यहां एक निजी महाविद्यालय बरसों से संचालित है। सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में रायपुर में पहले से सरकारी महाविद्यालय है। सालों से राजकीय कॉलेज की मांग कर रहे मांडल, कोटड़ी, गुलाबपुरा, बदनोर में आस इस बार भी अधूरी रही।

तीन कस्बों में एफएसटीपी प्लांट

जिले में अभी भीलवाड़ा शहर में सीवरेज कार्य प्रगति पर है। बड़े कस्बों में सीवरेज समस्या के समाधान के लिए सरकार ने गुलाबपुरा, आसीन्द व मांडलगढ़ कस्बे में एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। रूडीप के अधीक्षण अभियंता डीके मित्तल ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में घरों में सेफ्टी टैंक होते हैं, लेकिन यहां मलमूत्र की निकासी उचित तरीके से नहीं होने से यह घरों की नालियां में बहता है। सरकार नगरीय क्षेत्र में चिंहित स्थलों पर एफएसटीपी बनाएगी। घरों के सेफ्टी टैंक अब नगर पालिकाओं के टैंकर के जरिए एफएसटीपी प्लांट में खाली होंगे। इससे मल मूल का खाद बन सकेगा और दूषित पानी को शुद्ध कर उपयोग में लाया जा सकेगा।

बागोर साहिब पर धार्मिक पर्यटन सर्किट
जिले में गुरुद्वारा श्री कलगीधर बागोर साहिब व मांडल को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कि या जाएगा। यहां धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाए जाएंगे। सिख समाज के तीर्थ स्थल के रूप में अभी गुरुद्वारा श्री कलगीधर बागोर साहिब स्थापित हो रहा है। यहां देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु रोज आते हैं। मांडल में भी गुरुद्वारा साहिब पर नियमित कार्यक्रम होते हैं।

खेलों में उम्मीद अधूरी
जिले में कोरोना के कारण खेल व खिलाडि़यों को झटका लगा है। सुखाडिय़ा स्टेडियम में खेल गतिविधियों के विस्तार के लिए बजट की उम्मीद थी, लेकिन जो पूरी नहीं हुई। हालांकि सरकार ने कबड्डी, वॉलीबाल, टेनिस बॉल क्रिकेट व हॉकी की प्रतियोगिताएं अब ग्राम पंचायत, ब्लाक, जिला एवं राज्य स्तर पर कराने की घोषणा की है।

आवासन मंडल बनाएगा तीन हजार नए आवास
राजस्थान आवासन मंडल की योजना के तहत भीलवाड़ा में तीन हजार नए आवास बनाने की घोषणा हुई। सहायक प्रशासनिक अधिकारी संजय झा ने बताया कि शाहपुरा, रायला, सुवाणा, पटेलनगर विस्तार एवं सुवाणा में तीन हजार नए आवास बनाने के प्रस्ताव भिजवाए थे। इधर, आवासन मंडल की प्रियदर्शनी नगर सुवाणा व पटेलनगर मेंं अभी भी दर्जनों आवास वीरान एवं जर्जर हालत में है।

हर घर में जल कनेक्शन

जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल कनेक्शन देने की योजना का लाभ जिले को भी मिलेगा। जलदाय विभाग ने गहराते पेयजल संकट व चम्बल पेयजल परियोजना का पानी अधिकांश क्षेत्र में नहीं पहुंचने के कारण सरकार को हर घर में जल कनेक्शन की योजना भिजवाई थी। सरकार ने बजट में जिले की कलस्टर परियोजना आसीन्द-बदनोर, बनेड़ा-हुरड़ा, रायपुर-सहाड़ा व सुवाणा, जहाजपुर-कोटड़ी, मांडलगढ़-बिजौलियां-गंगापुर में लोगों को राहत देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र सहाड़ा, कोशीथल एवं पोटलां में जल वितरण प्रणाली के जीर्णोद्धार एवं सुधार कार्य होंगे।
जिले में चम्बल-भीलवाड़ा परियोजना के द्वितीय चरण का कार्य शुरू हो चुका है। करीब ७५ फीसदी कार्य पूरा हो चुका लेकिन सरकार ने इस योजना में अटके कार्य को पूर्ण करने के लिए ९४८ करोड़ रुपए का बकाया अतिरिक्त बजट जारी किया है।

गोवटा व मेजा बांध को मजबूती
जिले में जैतपुरा बांध के बाद मांडलगढ़ के गोवटा बांध व मेजा बांध के जीर्णोद्वार की राह खोली है। यह दोनों ही बांध सिंचाई के साथ ही पेयजल योजना के भी प्रमुख स्त्रोत है। मेजा बांध का पानी अभी सिंचाई के काम आ रहा है।

पेचवर्क से सुधरेगी दशा
जिले के अधिकांश हिस्सों की सड़कों की हालत ठीक नहीं है, लेकिन उपचुनाव देखते हुए सहाड़ा क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों की सुध ली गई है। भीलवाड़ा से देवगढ़ वाया पांसल, पीथास बागौर रायपुर बोराणा, जगदीश तथा भीण्डर-रामगढ़ वाया फतहनगर-गंगापुर,रायपुर, करेड़ा और मानपुरा- जलीन्द्री सड़क मय पुलिया निर्माण के साथ पेचवर्क व मरम्मत कार्य होंगे। जिले की छह नगर पालिका क्षेत्र में १०-१० किलोमीटर तक की सड़कों तथा नगर परिषद भीलवाड़ा के माध्यम से 20 किलोमीटर की मुख्य सड़कों का मेजर रिपेयर वर्क किया जा सकेगा।

मांडल में नया औद्योगिक क्षेत्र

मांडल क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे इससे टेक्सटाइल के साथ मिनरल क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। नए उद्योग आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि जिले में अभी एक दर्जन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना विचाराधीन है, लेकिन सुविधाएं नहीं जुटने एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की ठोस योजना नहीं बनने से नए औद्योगिक क्षेत्र पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाए।
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डीएलसी में कमी का फायदा
वर्तमान डीएलसी दर को दस प्रतिशत कम करने से आम लोगों को राहत मिलेगी। इससे आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि की दरों में कमी आएगी। पंजीयन खर्च कम आएगा। भीलवाड़ा शहर में बन रहे बहुमंजिला इमारतों में 50 लाख तक के फ्लैट खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी ४ प्रतिशत ही लगेगी। पहले ६ प्रतिशत थी। हालांकि इसका लाभ ३० जून तक ही मिलेगा। नगर विकास न्यास, नगर परिषद व पंचायतों से जारी सरकारी पट्टों पर अब स्टाम्प ड्यूटी डीएलसी के बजाय आंवटन राशि के आधार पर लगेगी। इससे आम लोगों को राहत मिलेगी।

इसके अलावा स्टाम्प ड्यूटी के बकाया पुराने मामलों के निपटारे के लिए 1 अप्रेल 2021 से नई एमनेस्टी स्कीम लाई जाएगी। 10 हजार वर्गमीटर से भूमि पर देय भूमि कर पर ब्याज एवं पेनेल्टी की छुट 30 जून 2021 तक बढाई गई।

Narendra Kumar Verma Reporting
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