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कोठारी नदी को बचाओ सरकार ! बायो मेडिकल वेस्ट, दूषित पानी, कचरा, मलबा सब आकर मिल रहा

- एनजीटी के आदेश भी अधिकारियों पर बेअसर, कोई सुनने को तैयार नहीं
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 21 Aug 2023, 8:59 AM IST

कोठारी नदी को बचाओ सरकार ! बायो मेडिकल वेस्ट, दूषित पानी, कचरा, मलबा सब आकर मिल रहा

कोठारी नदी को बचाओ सरकार ! बायो मेडिकल वेस्ट, दूषित पानी, कचरा, मलबा सब आकर मिल रहा

भीलवाड़ा . टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की कभी जीवनदायनी कहलाने वाली कोठारी नदी को शहर के लोगों ने बायो मेडिकल वेस्ट, दूषित व केमिकल युक्त पानी, शहर का कचरा, मलबा डालने के लिए डम्पिंग यार्ड बना दिया है।

एनजीटी ने भले ही वर्ष-2019 से कोठारी नदी को मूल स्वरूप को लेकर सख्त रूख अपना रखा हो, लेकिन अफसरों पर इसका असर नजर नहीं आ रहा। नदी को प्रदूषित होने से बचाने में बरती जा रही लापरवाही पर एनजीटी ने नगर परिषद पर अब तक 4.18 करोड़ का जुर्माना भी लगा दिया। परिषद ने न तो जुर्माना राशि जमा करवाई और न ही राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण ने जुर्माना वसूलने के लिए ठोस कदम उठाए। एनजीटी की सख्ती के बाद भी अधिकारी गंभीर नहीं हो रहे। नतीजा यह हो रहा कि कोठारी नदी में सुधार की बजाय हालात और बिगड़ रहे हैं।

बायोमेडिकल वेस्ट डाल रहे
कोठारी नदी में बायोमेडिकल वेस्ट तक डाला जा रहा है। राजस्थान पत्रिका ने रविवार को नदी का दौरा किया तो पालड़ी रोड पर नदी में बायोेडिकल वेस्ट मिला। दवा के बॉक्स, स्टूीप, शीशियां, पट्टी, बोतले तथा काले रंगे की बड़ी-बड़ी प्लास्टिक की थैलियां वेस्ट से भरी पड़ी थी। इसके अलावा अन्य कई तरह का वेस्ट भी नदी में डाला गया। नदी क्षेत्र में अतिक्रमण कर पक्के निर्माण तक काबिज हो गए।

जयपुर से आज आएगी 9 सदस्यीय टीम-
एनजीटी की सख्ती के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने 9 सदस्यीय टीम का गठन किया। टीम आरयूआईडीपी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक की अगुवाई में 21 व 22 अगस्त को कोठारी नदी का दौरा करेगी। कोठारी नदी में जा रहे अपशिष्ट जल को रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करेगी। सीवरेज योजना के तहत घर-घर जोड़े जा रहे कनेक्शन को किस तरह जल्द पूरा किया जा सके। इस कार्य को पूरा करने के लिए भी कार्य योजना बनाकर पेश की जाएगी।