
भारतीय मजदूर संघ राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को गजाधर मानसिंहका धर्मशाला में हुई। सरकार की श्रम विरोधी नीतियों व निजीकरण सहित अन्य कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
भीलवाड़ा।
भारतीय मजदूर संघ राजस्थान प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को गजाधर मानसिंहका धर्मशाला में हुई। सरकार की श्रम विरोधी नीतियों व निजीकरण सहित अन्य कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के पश्चात पत्रकार वार्ता में क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम ने कहा कि दो दिवसीय बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए कई निर्णय लेते हुए 4 माह की कार्य योजना तैयार की गई।
उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़ा नहीं है। हम निजीकरण के खिलाफ हैं। प्रदेश मंत्री दीनानाथ रूथला ने कहा कि हमारा संघ अंसगठित मजूदरों को संगठित करने का काम कर रहा है। श्रम विरोधी नीतियों के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार में ऐसे ही लोग आ गए है, जिससे श्रमिकों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्ताओं को सरकार ने टॉफी देने का काम किया है। सरकार मजदूरों के हितों के मामले में झूठ बोलती है और हमेशा झूठे आश्वासन देती आई है। बैठक का संचालन संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रभाष चौधरी ने किया।
8वीं तक अनिवार्य शिक्षा लेने पर दिया बल
भीलवाड़ा अखिल राजस्थान जयकार समाज विकास संस्था की बैठक रविवार को भूरालाल सरदार व प्रदेशाध्यक्ष भैरूलाल चारण के सानिध्य में हुई। चारण ने कहा कि समाज में 5 सूत्री निर्णय लागू किए जाएंगे। इसमें लेण प्रथा पर पाबंदी रहेगी। धोवरा प्रथा में केवल ससुराल, ननिहाल व दादेरा का ही होगा। समाज का हर सदस्य ८वीं तक अनिवार्य शिक्षा, बाल-विवाह निषेध रहेगा व जिला मुख्यालय पर भूखंड आवंटन कराकर भवन निर्माण कराने का कार्य करवाया जाएगा। प्रदेश महासचिव दुर्गा लाल बारेठ ने कहा कि राज्य सरकार से समाज 3 सूत्री मांग पत्र को पूरा करवाएगा। दुर्गालाल बराला, रामनिवास करसाण गोपाल लालावत, जगदीश खेड़, यशवंत चारण व जसराज मानवत ने भी बैठक को संबोधित किया।
Published on:
08 Apr 2018 11:53 pm
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