
कैफे संचालक व चचेरे भाई का अपहरण, सवा घंटे में चित्तौड़ से छुड़ाया
शहर के बड़ला चौराहे के निकट गुरुवार शाम लेनदेन विवाद को लेकर कुछ लाेगों ने कैफे संचालक और उसके चचेरे भाई का अपहरण कर मारपीट की। अपहरण से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। अपहर्ताओं की तलाश में नाकाबंदी कराई। पुलिस ने दोनों युवकों को सवा घंटे में चित्तौड़गढ़ से मुक्त करा लिया व तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया। शेष आरोपियों की तलाश है। विवाद सट्टे के पैसों को लेकर उपजा था।
एएसपी ज्यैष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि मालोला रोड, गायत्रीनगर निवासी ममता वैष्णव ने अपहरण का मामला दर्ज कराया। परिवादी ने बताया कि पति विश्वास का बड़ला चौराहे के निकट कैफे हाउस है। शाम साढ़े चार बजे कुछ लोग कार से आए और विश्वास और वहां मौजूद विश्वास के चचेरे भाई बलवंत का अपहरण कर ले गए। सूचना पर एसपी आदर्श सिधू, एएसपी मैत्रेयी, डीएसपी नरेन्द्र दायमा व कोतवाली प्रभारी सूर्यभानसिंह आदि वहां पहुंचे। घटनाक्रम की जानकारी ली व नाकाबंदी कराई। विश्वास और चचेरे भाई के मोबाइल की लोकेशन निकाली तो दोनों को चित्तौड़गढ़ ले जाने की जानकारी मिली। चित्तौड़गढ़ पुलिस को अलर्ट किया। चित्तौड़गढ़ की कोतवाली पुलिस ने कलक्ट्रेट के निकट से दो जनों को पकड़ लिया व विश्वास और बलवंत को मुक्त कराया।
भीलवाड़ा से टीम को चित्तौड़गढ़ भेजा गया। वहां से आरोपी और पीडि़त व्यापारी को भीलवाड़ा लाया गया। पुलिस ने अपहरण के आरोप में शास्त्रीनगर के इमरान और हुसैन कॉलोनी के अमजद व इजसार को गिरफ्तार कर लिया। इमरान के भाई इब्राहिम समेत अन्य लाेगों की तलाश है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विश्वास से सट्टे के पैसे मांगते थे। आरोपियों के कई बार तकाजा करने के बाद भी विश्वास पैसे नहीं लौट रहा था। इसके चलते अपहरण किया गया। आरोपी चित्तौड़गढ़ ले जाकर कोर्ट में लिखापढ़ी करवाना चाहते थे। इससे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
15 Jul 2022 11:45 am
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