योजना के तहत २६ जून की रात में दीपक ने भरत को फोन कर घर से बाहर बुलाया। दीपक सिगरेट पीने के बहाने भरत को साथ लेकर आया। भरत को बाइक पर बैठाकर दीपक और देवन्द्र नामक व्यक्ति साथ ले गए। पटेलनगर विस्तार में पहले से कुलदीप, भंवर, डीगेश्वर पायक और एक अन्य पहले से घात लगाए बैठे थे। भरत के पहुंचते ही आरोपियों ने सरिया, पाइप और लोहे की रॉड से उस पर हमला कर दिया। उसके हाथ-पैर तोड़कर वे फरार हो गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भरत की हत्या करना नहीं चाहते थे, केवल सबक सिखाने के लिए हाथ-पैर तोडऩा चाहते थे। लेकिन सरिए से वार के कारण उसकी जान चली गई।