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धोखे से बुलाया और ले ली ट्रक चालक की जान

प्रतापनगर थाना पुलिस ने तीन दिन पूर्व पटेलनगर विस्तार के निकट ट्रक चालक की पीट-पीट कर हत्या के मामले का खुलासा कर दिया। हत्या के आरोप में चार जनों को गिरफ्तार किया गया। उनके दो साथी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते धोखे से ट्रक चालक को बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी।

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Called fraudulently and took the life of the truck driver

Called fraudulently and took the life of the truck driver

भीलवाड़ा. प्रतापनगर थाना पुलिस ने तीन दिन पूर्व पटेलनगर विस्तार के निकट ट्रक चालक की पीट-पीट कर हत्या के मामले का खुलासा कर दिया। हत्या के आरोप में चार जनों को गिरफ्तार किया गया। उनके दो साथी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते धोखे से ट्रक चालक को बुलाकर उसकी हत्या कर दी थी।

थानाप्रभारी भजनलाल ने बताया कि पटेलनगर विस्तार के निकट तेजा विहार कॉलोनी स्थित झाडि़यों में तीन दिन पूर्व एक व्यक्ति का शव मिला था। मृतक की पहचान मूलत: गंगापुर हाल पटेलनगर विस्तार निवासी भरत (३०) पुत्र मांगीलाल शर्मा के रूप में हुई। मृतक ट्रक चालक था और अपने पिता के साथ रहता था। जांच के बाद पुलिस ने भरत की हत्या के आरोप में पटेलनगर निवासी कुलदीपसिंह राठौड़, भंवर विजय बहादुरसिंह राठौड़, दीपक जांगिड़ तथा पुलिस लाइन के पास शिवनगर निवासी डीगेश्वर पायक को गिरफ्तार किया। हत्या में शामिल दो अन्य अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।

एक साल से थी रंजिश

सीआई भजनलाल ने बताया कि मृतक भरत के साथ कुलदीप सिंह और भंवर विजय बहादुर के साथ रंजिश चल रही थी। एक साल पूर्व किसी बात को लेकर भरत से उनकी कहासुनी और मारपीट हुई थी। रंजिश के चलते भरत ने कुलदीप और भंवर से दूरी बना ली थी। दोनों से सतर्क रहकर वह उनसे नहीं मिलता था। रंजिश की बात सामने आने के बाद कुलदीप और भंवर को तलाश किया तो दोनों वह घर से गायब थे। तलाश करने के बाद पुलिस ने कुलदीप, भंवर और दीपक को अजमेर जिले के भिनाय के निकट जंगल से गिरफ्तार किया।

दीपक का लिया सहारा, विश्वास में साथ चल दिया
सीआई ने बताया कि दीपक जांगिड़ भरत का दोस्त था। वह उस पर बहुत विश्वास करता था। कुलदीप और भंवर भी दीपक के साथी था। कुलदीप और भंवर ने रंजिश निकालने के लिए दीपक का सहारा लिया। उन्होंने भरत को सबक सिखाने के लिए योजना बनाई।

पहले से घात लगाए बैठे थे

योजना के तहत २६ जून की रात में दीपक ने भरत को फोन कर घर से बाहर बुलाया। दीपक सिगरेट पीने के बहाने भरत को साथ लेकर आया। भरत को बाइक पर बैठाकर दीपक और देवन्द्र नामक व्यक्ति साथ ले गए। पटेलनगर विस्तार में पहले से कुलदीप, भंवर, डीगेश्वर पायक और एक अन्य पहले से घात लगाए बैठे थे। भरत के पहुंचते ही आरोपियों ने सरिया, पाइप और लोहे की रॉड से उस पर हमला कर दिया। उसके हाथ-पैर तोड़कर वे फरार हो गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भरत की हत्या करना नहीं चाहते थे, केवल सबक सिखाने के लिए हाथ-पैर तोडऩा चाहते थे। लेकिन सरिए से वार के कारण उसकी जान चली गई।

भरत ने फिंकवाए थे घर पर पत्थर

पुलिस के अनुसार हत्या की एक बड़ी वजह आरोपी कुलदीप के घर पर भरत की ओर से उसके साथियों द्वारा पत्थर फेंकना भी रहा है। पुलिस के अनुसार कुछ समय पूर्व कुलदीप के घर पर एक आयोजन था। इस दौरान भरत ने साथियों की मदद से कुलदीप के घर पर पत्थर फेंककर आयोजन में खलल डाला। इसका पता कुलदीप को लगा तो उसने भरत से इस घटना का बदला लेने की ठान ली थी।

अपराधिक प्रवृति के आरोपी, पूर्व में भी केस दर्ज

पुलिस के अनुसार आरोपी कुलदीप, भंवर और डीगेश्वर अपराधिक प्रवृति के है। इनमें पेशे से मजदूर कुलदीप के खिलाफ मारपीट, लूट, अवैध हथियार रखने सम्बंधित प्रतापनगर थाने में चार केस दर्ज है। विजय बहादुर के खिलाफ पुर थाने में मारपीट कर गम्भीर चोटें पहुंचने तथा डीगेश्वर के खिलाफ प्रतापनगर थाने में मारपीट व जबकि राजसमंद के राजनगर में घर में घुसकर मारपीट का मामला दर्ज है।