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बेख्याल यात्री, लापरवाह रोडवेज

करीब डेढ़ साल से कोरोना महामारी झेल रहे आमजन के साथ रोडवेज भी संभलने को तैयार नहीं। तीसरी लहर की आशंका के बाद भी बचाव में लापरवाही बरती जा रही है। त्योहारी सीजन होने के बाद भी रोडवेज प्रबंधन सरकार की आेर से निर्धारित गाइड लाइन की पालना नहीं करवा रहा।

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careless travellers, careless roadways

careless travellers, careless roadways

भीलवाड़ा. करीब डेढ़ साल से कोरोना महामारी झेल रहे आमजन के साथ रोडवेज भी संभलने को तैयार नहीं। तीसरी लहर की आशंका के बाद भी बचाव में लापरवाही बरती जा रही है। त्योहारी सीजन होने के बाद भी रोडवेज प्रबंधन सरकार की आेर से निर्धारित गाइड लाइन की पालना नहीं करवा रहा। कमाई के फेर में यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। बसों में निर्धारित क्षमता से ज्यादा बैठाया जा रहा तो बस स्टैण्ड पर टिकट खिड़की पर दो गज दूरी की पालना नहीं हो रही।

बस लगते बुकिंग पर भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग भूले
स्टैण्ड पर बस आते ही बुकिंग खिड़की पर टिकट के लिए भीड़ उमड़ती है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक में रख दिया जाता है। यहीं हाल बस में जगह पाने को लेकर आपाधापी में देखी जा सकती है। बस में चढऩे के दौरान यात्री दूरियां नहीं बनाते।

बिना मास्क घूमते रहते यात्री, टोकने वाला कोई नहीं
बस के इंतजार में बैठे यात्री बिना मास्क ही रहते है। मास्क लगाने को लेकर उनको टोका ही नहीं जाता। यहां तक की बुकिंग खिड़की पर बैठे कई कर्मचारी भी मास्क नहीं लगाते। जबकि कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी मास्क ही है। यात्रियों के स्टैण्ड पर प्रवेश से पहले उनकी जांच रोडवेज प्रबंधन को करनी है। लेकिन यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर हाथ सेनेटाइज कराने के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। कहने को भीलवाड़ा बस स्टैण्ड के मुख्य द्वार पर कर्मचारी बैठते है। लेकिन वह दिनभर बातों में ही मशगूल रहते है।