रोडवेज प्रशासन का तीसरी आंख से अपनी बसों पर नजर रखने का सपना पूरा नहीं हुआ है। लीकेज पर अंकुश और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हाथ में ली गई सीसी कैमरे लगाने की कवायद अधूरी ही रह गई। इसका बड़ा कारण रोडवेज प्रबंधन की अनदेखी है। इससे रोडवेज बसों में निगरानी का प्रबंधन के पास कोई तरीका नहीं रहा। राजस्थान में रोडवेज की बसों का पिछले लंबे समय से यही हाल है। जिन बसों में निगरानी के लिए कैमरे लगाए थे, वे भी गायब हो चुके हैं। प्रदेश में प्रायोगिक तौर पर जयपुर समेत कुछ आगार में इसकी शुरुआत हुई थी। भीलवाड़ा आगार में भी कुछ बसों में कैमरे लगाए थे, लेकिन अब बसों से कैमरे नदारद है।