उत्तम त्याग धर्म आराधना दिवस के रूप में मनाया

आरके मंदिर में लगी लिफ्ट का उद्घाटन आज

By: Suresh Jain

Published: 30 Aug 2020, 08:11 PM IST

भीलवाड़ा .

दिगम्बर जैन समाज की ओर से रविवार को पर्युषण पर्व का 8वें दिन उत्तम त्याग धर्म आराधना दिवस के रूप में मनाया। जैन धर्म के अनुसार धन तो बिजली की चमक जैसा है जो पल में गायब ही जाता है। धन का सदुपयोग दान के रूप में करने से वह और भी बढ़ता है। दान देने वाले को भोग भूमि या स्वर्ग के सुख भी प्राप्त होते हैं। लेकिन अंतरंग से क्रोध, माया, लोभ रूपी सभी काषयों का त्याग ही उत्तम त्याग धर्म है।
आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर आरके कॉलोनी के अध्य्क्ष नरेश गोधा ने बताया कि रविवार को नेमीचंद, अभिषेक ठोलिया ने शांतिधारा की। धनराज, मंजू देवी टोंगिया ने भक्ताम्बर आरती की। सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि मंदिर में जन सहयोग से लिफ्ट का निर्माण कराया गया। इसका उद्घाटन सोमवार सुबह सभी दानदाताओं की उपस्थिति में होगा। उन्होंने बताया कि आज त्याग दिवस पर महेंद्रकुमार, सरोज, मोहित तायल ने लिफ्ट तक जाने के लिए एक व्हीलचेयर मंदिर में भेंट की है।
बापू नगर स्थित पदम प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम त्याग की आराधना की गई। सुबह प्रतिमाओं पर अभिषेक के बाद शान्तिधारा धर्मचंद, ज्ञानचंद गदिया ने शांतिनाथ भगवान की व प्रकाश, राजेश, मनोज पाटनी ने पाश्र्वनाथ भगवान पर शांति धारा की। शाम को भक्तांबर आरती की गई।
सुभाष नगर स्थित नेमीनाथ मंदिर में नेमीनाथ भगवान का महा मस्तकाभिषेक व शन्तिधारा सनत कुमार पाटनी व निरज (सुरत) रविन्द्र कांटीवाल ने की। आदिनाथ भगवान की लोकेश पाटनी, शांतिनाथ भगवान की वर्धमान अजमेरा ने अरविंद अजमेरा के मंत्रोचार के साथ की । कोरोना के चलते सभी श्रावक व महिलाएं पूजा पाठ ऑनलाइन टीवी के माध्यम से घर पर ही कर रहे हैं। शाम को भक्ताम्मर आरती प्रकाश बिलाला ने की।
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भक्ति, तप, जप, सेवा, दान नि:स्वार्थ भाव से करें
भीलवाड़ा . साध्वी यश कवर की पुण्य स्मृति में रविवार को शांति भवन में मैनाकवर के सानिध्य में सुबह एक घंटा नवकार महामंत्र का जाप किया गया। इस दौरान मैना कंवर ने श्रावकों को यश कवर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए नवकार महामंत्र की महिमा को समझाया। जैन दर्शन नमस्कार से शुरू होता है। महामंत्र नवकार से लेकर लोगस्स नमोत्थुणं आदि पाठ भक्ति नमन और समर्पण को महत्व देता है। साध्वी ज्योति प्रभा ने कहा कि भक्ति करने से पहले अरिहंत को नमन कर स्मरण करना आवश्यक है। साध्वी पुष्पा कहा कि प्रभु महावीर कहते हैं कोई भी भक्ति करते हो तो इस लोक या परलोक की कामना लेकर मत करना। भक्ति, तप, जप, सेवा, दान कुछ भी करो नि:स्वार्थ भाव से करनी चाहिए। जाप की प्रभावना हेमंत बाबेल की ओर से रखी गई। इस दौरान शांति भवन संघ अध्यक्ष राजेंद्र चीपड, मंत्री सुरेंद्र सिंह चौधरी, सहमंत्री गोपाल लोढ़ा, मनोहर लाल सूर्या, मीडिया प्रभारी मनीष बंब, सुनील बाबेल, शांति जैन महिला मंडल अध्यक्ष बसंता डांगी व मंत्री कनकावती चंडालिया आदि उपस्थित थे।

Suresh Jain Reporting
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