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कर्मचारी बीमा अस्पताल को केन्द्रीकृत करें को मिले डाक्टरों की सुविधा

मेवाड़ चेम्बर ने लिखा केन्द्रीय श्रम मंत्री को पत्र
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 30 Jan 2021, 8:44 AM IST

कर्मचारी बीमा अस्पताल को केन्द्रीकृत करें को मिले डाक्टरों की सुविधा

कर्मचारी बीमा अस्पताल को केन्द्रीकृत करें को मिले डाक्टरों की सुविधा

भीलवाड़ा।
कर्मचारी बीमा निगम के भीलवाडा अस्पताल भवन बहुत बड़ा होने के बाद भी जिले के श्रमिकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल अपग्रेड नहीं होने से बेड की संख्या भी काफी कम है। यह अस्पताल राज्य सरकार के अधीन होने के बाद भी यहां पूरी सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस अस्पताल को अपग्रेड कर 100 बेड का करने एवं इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से हटाकर केन्द्रीय कर्मचारी बीमा निगम के तहत करने से जिले के श्रमिकों को हर सुविधा का लाभ मिल सकेगा। कर्मचारी बीमा निगम की केन्द्रीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया था कि श्रमिक बहुलता वाले अस्पतालों को केन्द्रीय कॉपोरेशन के नियंत्रण में दिया जाएगा ताकि वांछित संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति हो सके एवं लाभार्थियों को सभी तरह की मेडीकल सुविधाएं प्राप्त हो सके। इसे लेकर मेवाड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार एवं लघु व मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है।
मेवाड चेम्बर के महासचिव आरके जैन ने बताया कि भीलवाड़ा जिले में लगभग एक लाख से अधिक कर्मचारी ईएसआई में पंजीकृत है। इन ईकाइयों के नियोक्ता एवं कर्मकारों का एक बहुत बडा हिस्सा अंशदान के रूप में सरकार को जमा करवाया जाता है। भीलवाड़ा में लगभग 450 से अधिक टेक्सटाइल इकाईयां एवं 100 अन्य औद्योगिक इकाईयां संचालित है। इनमें से अधिकतर इकाईयां लघु एवं मध्यम उद्योग श्रेणी में आती है।
राज्य सरकार की ओर से संचालित स्थानीय ईएसआई अस्पताल में बीमितों को इलाज की पूर्ण सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। इस अस्पताल में डॉक्टरों के पद के मुकाबले इनकी संख्या से 50 प्रतिशत ही डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ है। विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव है। मेवाड चेम्बर ने पिछले वर्षो में इस विषय में राज्य सरकार को कई प्रतिवेदन भेजे है। लेकिन सबसे ज्यादा अंशदान करने के बावजूद भी यहां सुविधाओं का अभाव है। कार्ड धारकों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों मे शरण लेनी पडती है। पूर्व में तत्कालीन केन्द्रीय श्रम मंत्री बंदारु दत्तात्रेय ने राजस्थान यात्रा में यह आश्वासन दिया था कि भीलवाडा में 100 बेड का मॉडल हॉस्पीटल स्थापित किया जाएगा। बावजूद इसके भी निगम की ओर से इस दिशा मे कोई प्रगति नही हुई है।