
Chargesheet presented against Begun SDM in dowry harassment case
भीलवाड़ा. जिले के माण्डल में पदस्थापित न्यायिक अधिकारी पूनम मीणा की ओर से दर्ज दहेज प्रताडऩा के मामले में आखिर १४ महीने बाद भीलवाड़ा पुलिस ने न्यायिक अधिकारी के पति एवं बेगंू उपखण्ड अधिकारी मुकेश मीणा के खिलाफ चालान पेश कर दिया। महिला थाना पुलिस ने न्यायिक मजिस्टे्रट संख्या दो की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। राजस्थान उच्च न्यायालय ने नतीजा रिपोर्ट पेश करने में बरती जा रही ढिलाई पर नाराजगी जताई थी। पुलिस अधीक्षक को एक माह में नतीजा रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे।
प्रकरण के अनुसार मांडल में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट पूनम मीणा का विवाह मुकेश मीणा से 19 अप्रेल 2018 को हुआ था। पूनम का आरोप था कि विवाह के बाद से मुकेश व उसके परिजन दहेज को लेकर प्रताडित करने लगे। पूनम ने भीलवाड़ा के महिला थाने में ५ जुलाई २०२० को मामला दर्ज कराया। शुरुआत में जांच महिला थाने के पास थी। इसके बाद उच्चाधिकारियों के आदेश पर जांच अजमेर ग्रामीण डीएसपी को दी गई। बाद में जांच सहाड़ा की तत्कालीन एएसपी चंचल मिश्रा के पास आई। मिश्रा के तबादले के बाद सहाड़ा एएसपी गोवर्धनलाल जांच कर रहे थे। एएसपी गोवर्धनलाल ने जांच पूरी कर चार्जशीट महिला थाने को सौंपी। महिला थाना पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। आरएएस अफसर मुकेश भी न्यायालय में पेश हुए थे।
Published on:
30 Sept 2021 11:10 pm
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