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गुजरात से आता सस्ता मावा, मिठाई बनते ही भाव दोगुने

100 से 200 रुपए प्रति किलो में आते है मावे के कट्टे

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Cheap Mawa comes from Gujarat in bhilwara

Cheap Mawa comes from Gujarat in bhilwara

भीलवाड़ा।
Adulteration on diwali दीपावली नजदीक आने के साथ ही गुजरात से बड़ी मात्रा में खोया मावे के कट्टे आते है। इनसे मावे की मिठाई बना ४०० से ५०० रुपए किलोग्राम की दर से बेची जाती है। गुजरात से यह माल 100 से 200 रुपए प्रति किलो की दर से सीधा भीलवाड़ा व जयपुर के रास्ते से प्रदेशभर में सप्लाई किया जाता है। चिकित्सा विभाग का मानना है कि गुजरात से बड़ी मात्रा में मावे के कट्टे आते है।

Adulteration on diwali विभाग का मानना है कि दीपावली पर कुछ लोग ही घर पर मावा और दूध से मिठाइयां बनाते हैं। अधिकतर मावा और दूध बाजार से खरीदते हैं। त्योहारी सीजन में कुछ व्यापारी मिलावटी मावा और दूध भी ग्राहकों को थमा देते हैं। ऐसे में खरीद से पहले इनकी शुद्धता की जांच जरूरी है। गुजरात से आने वाले मावे में केवल शक्कर मिलाकर मिठाई के रूप में बेचा जाता है।
ऐसे करें मिलावट की जांच
मावा में आयोडीन टिंचर की दो बूंद डाल दें। पांच मिनट तक छोड़ें। मिलावट होने पर मावा काला पड़ जाएगा। यदि आयोडीन टिंचर का रंग केसरिया ही रहा तो मावा में मिलावटरहित है। यदि मावे में मैदा है तो भी रंग बदल जाएगा।

यह हो सकती बीमारी
आरसीएचओ डॉ. सीपी गोस्वामी ने बताया कि मिलावटी दूध व मावे से फूड पॉयजनिंग, उल्टी, दस्त की शिकायत हो सकती है। किडनी और लिवर पर असर पड़ता है। त्वचा से जुड़ी बीमारी हो सकती है। इससे कैंसर तक की आशंका रहती है।

जोधपुर में पकड़ा गया १८ टन दूषित मावा
बीकानेर व फलौदी से भी प्रदेश भर में मावे के पीपे आते हैं। बीकानेर जिले में लूणकरनसर एवं श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र तथा जोधपुर में लोहावट व फलौदी में बॉयलर लगा रखे हैं। यहां नकली मावा बनने की आशंका के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी कर रखा है। जोधपुर जिले में हाल में एक दिन में १८ टन दूषित मावा पकड़ा गया था।

होगी कार्रवाई
दीपावली में मिलावटी मावा व गुजरात तथा बीकानेर से भी मावा आता है। उस पर निगाहे रखे हुए है। मिलावटी मावा व अन्य सामग्री की सूचना मिलने पर तुरन्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ भीलवाड़ा