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आपसी समझौते के बाद नगर परिषद ने खोली सात दुकानें

एक दिन की मौहलत पर व्यापारियों ने दुकानों से निकाला सामान

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आपसी समझौते के बाद नगर परिषद ने खोली सात दुकानें

आपसी समझौते के बाद नगर परिषद ने खोली सात दुकानें

भीलवाड़ा।
मुरली विलास रोड पर जीर्ण शीर्ण हालत में पड़े मुरली विलास धर्मशाला की दुकानें बुधवार को आपसी समझौते के बाद एक दिन के लिए खोल दी गई है। इन दुकानों को नगर परिषद सभापति के आदेश के बाद खोली गई ताकि व्यापारी अपना सामान दुकानों से बाहर निकाल सके।
सभापति राकेश पाठक ने बताया कि दुकाने में पड़े समान का अधिकारी व्यापारी का है। दुकान मालिक व दुकानदारों के बीच हुई समझौते के बाद बुधवार को व्यापारी उनसे मिले तथा दुकानों में पड़े समान को निकाले का समय मांगा। इस पर सभापति पाठक ने एक दिन का समय देते हुए सभी ९ दुकानों में से ७ दुकानों को खोल दिया है। व्यापारियों ने भी दुकानों से रात को ही सामान निकालने में जुट गए थे।
उल्लेखनीय है ८ फरवरी को व्यापारियों के कड़े विरोध के बाद नगर परिषद ने उपखण्ड मजिस्ट्रेट व पुलिस की मौजूदगी में इन दुकानों सील कर दी थी। इन दुकानदारों को ४ फरवरी को दुकानें खाली करने का नोटिस दिया था। विरोध करने पर दो व्यापारियों को शान्ति भंग करने के आरोप में पुलिस ने भी पकड़ा था। शहर के बीचों बीच स्थित मुरली विलास धर्मशाला को वर्ष २०१४ में सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता की रिपोर्ट के बाद नगर परिषद ने इसे खतरनाक स्थिति में मानते हुए धर्मशाला को बन्द करवा दिया था। परिषद ने माना था कि द्वितीय मंजील की दिवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई थी। छत के लिए जो गार्डर लगे हुए थे उनमें भी बैण्ड आ गए। पट्टिया टुट गई थी। दुर्घटना की संभावना को देखते हुए परिषद लम्बे समय से दुकानदारों को खाली करने का नोटिस देती आ रही थी। लेकिन धर्मशाला में किराए पर चल रही दस दुकानें नोटिस के बावजूद खाली नहीं की गई थी। परिषद ने ४ फरवरी को फिर नोटिस जारी कर दुकानें खाली करने तथा कोई न्यायालय से स्थगन आदेश या अन्य कोई आदेश हो तो पेश करने को कहा था, लेकिन दुकानदारों ने गंभीरता से नहीं लिया था।