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सर्दी ने बढ़ाया हृदयाघात का खतरा

भीलवाड़ा. जिले में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने हृदयाघात व लकवे का खतरा बढ़ा दिया है। जिले में पारा लगातार डुबकी लगा रहा है। ऐसे में अस्थमा व क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 31 Jan 2023, 9:39 AM IST

सर्दी ने बढ़ाया हृदयाघात का खतरा

भीलवाड़ा. जिले में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने हृदयाघात व लकवे का खतरा बढ़ा दिया है। जिले में पारा लगातार डुबकी लगा रहा है। ऐसे में अस्थमा व क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। महात्मा गांधी चिकित्सालय में एक जनवरी से अब तक मेडिकल आइसीयू में 250 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें से 35 मरीज हृदय रोग के और पांच लकवा से ग्रसित थे। ओपीडी में सीओपीडी की शिकायत और अस्थमा के रोजाना करीब 50-60 मरीज पहुंच रहे हैं।

डॉ. ओपी छीपा ने बताया कि अस्थमा व सीओपीडी के इस समय 50-60 मरीज रोजाना आते है। अधिक सर्दी होने के कारण इन मरीजों को गर्म कपड़े पहनने चाहिए। सुबह व शाम को सर्दी में बाहर नहीं निकलना चाहिए। हरी सब्जी व फल का सेवन करना चाहिए। स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए। सर्दी में बाहर निकलने पर सिर ढककर रखना चाहिए। कोहरा होने पर अस्थमा के मरीजों को अधिक तकलीफ होती है।

हर साल बढ़ रहे केस
डॉ. रामावतार बैरवा ने बताया कि हर साल सर्दी में हृदयाघात के मामले बढ़ जाते है, लेकिन इस साल इनकी संख्या ज्यादा रही। पिछले एक माह में ऐसे केसों में खासी बढ़ोतरी रही। कोरोना संक्रमित रहे लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है। यही कारण है कि इस सर्दी के दौरान हृदयाघात के केस बहुत आए। फेफड़ों के अलावा हृदय, मस्तिष्क और पैरों में खून के थक्के जमने के मामले देखे गए।
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भीलवाड़ा जिले में इस बार शीतलहर और सर्दी ने कई साल के रिकार्ड तोड़ दिए। भीलवाड़ा में तापमान शून्य डिग्री पहुंच गया। जनवरी में करीब दो सप्ताह तक लगातार कड़ाके की सर्दी रही। हृदयाघात के अधिकांश मामले तड़के हुए। कई लोगों को सुबह उठते या मार्निंग वॉक के समय हृदयाघात हुआ।

हार्ट हेल्दी डाइट लेनी चाहिए, यानी ज्यादा तेल-मसालों के सेवन से बचें।
नियमित व्यायाम करें।
अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल की नियमित जांच कराएं।
तनाव को कम करने की लगातार कोशिश करें, योग और मेडिटेशन करें।
पूरे शरीर की जांच चेकअप कराते रहें।
डॉ. अरुण गौड़, अधीक्षक एमजीएच भीलवाड़ा