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दो बार उठाया मुआवजा, चार आरोपी गिरफ्तारी पर ले आए स्टे, अन्य चार पर भी कार्रवाई नहीं

रामप्रसाद लढ़ा नगर में फर्जी दस्तावेज से मुआवजा उठाने का मामला

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रामप्रसाद लढ़ा नगर में फर्जी दस्तावेज से मुआवजा उठाने का मामला

रामप्रसाद लढ़ा नगर में फर्जी दस्तावेज से मुआवजा उठाने का मामला

भीलवाड़ा नगर विकास न्यास ने रामप्रसाद लढा नगर में दो बार मुआवजा उठाने का मामला उजागर होने के बाद पुलिस में मामला दर्ज करवाया लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। न्यास ने फर्जी हस्ताक्षर कर दो बार मुआवजा उठाने का मामला सुभाषनगर थाने में दर्ज कराया था। पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुंच पाई।

लढ़ा नगर में कुछ दलालों ने 52 भूखंड का दो बार मुआवजा उठाया था। मामले को राजस्थान पत्रिका के प्रमुखता से उठाने के बाद तत्कालीन विशेषाधिकारी रजनी माघीवाल ने कलक्टर से मिलकर सुभाषनगर थाने में आठ जनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई। मामला ्रराजेन्द्र हिंगड़, सुशील उर्फ सुनील हिंगड़, बाली देवी हिंगड़, सत्यनारायण पुत्र बंशीलाल हिंगड़, कृष्णादेवी पत्नी रोडूमल, विमला पत्नी हिम्मतलाल प्रजापत, आशा प्रजापत, विनोद पुत्र रखबलाल के खिलाफ दर्ज कराया गया। इनमें हिंगड़ परिवार के चारों सदस्य उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश ले आए। शेष चार जनों में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

न्यास अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इन लोगों ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर मुआवजा उठा लिया। पंजीयन विभाग से 52 भूखंडों में से मात्र 8 के दस्तावेज मिले हैं। शेष की फाइल न्यास व पंजीयन कार्यालय से गायब है।

एफएसएल जांच को नहीं भेजे दस्तखत

अधिकारियों व कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर मुआवजा लेने के मामले में पुलिस ने रजनी माघीवाल के हस्ताक्षर के तीन नमूने लिए। इसमें तेज, धीमी तथा मध्यम गति से हस्ताक्षर करवाए गए। पुलिस ने इनको एफएसएल जांच के लिए अभी तक नहीं भेजा है। ऐसे में यह भी तय नहीं हुआ कि कागजों पर अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर है या नहीं।

इनका कहना है...

फर्जी हस्ताक्षर मामले में जांच जारी है। चार जनों ने न्यायालय से गिरफ्तारी पर स्थगन ले रखा है। हिंगड़ ने जांच के लिए लिखित दस्तावेज दिए हैं। इसमें कुछ दलालों व न्यास कर्मचारियों के नाम हैं। उन पर मिलीभगत का आरोप हैं, लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। हिंगड़ के हस्ताक्षर के नमूने लेने हैं ताकि दोनों के हस्ताक्षर एफएसएल जांच को भेज सके। श्यामसुंदर विश्नोई, सीओ सदर भीलवाड़ा