8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मनरेगा में 16 से चलेगा पूरा काम-पूरा दाम अभियान

15 फरवरी तक चलेगा, हर दिन होगी मॉनिटरिंग
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Suresh Jain

•

Updated: 13 Dec 2020, 11:24 PM IST

Complete work-price campaign will run in MNREGA from 16

Complete work-price campaign will run in MNREGA from 16

भीलवाड़ा।
प्रदेश में मनरेगा में सर्वाधिक 4025 लाख लोगों को रोजगार देकर भीलवाड़ा ने इतिहास रचा। अब मनरेगा में मजदूरों को पूरे काम के पूरे दाम सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार १6 दिसंबर से अगले वर्ष 15 फरवरी तक पूरा काम पूरा दाम विशेष अभियान चलाएगी।
राज्य सरकार ने मनरेगा श्रमिकों को पूरा काम कर पूरा दाम सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहितकुमार सिंह ने जिला कलक्टर को अभियान के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन की पालना कराने को कहा।
दो माह तक विशेष अभियान का मूल्यांकन एवं अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के निर्देश दिए। अभियान संचालन के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी, पंचायत स्तर पर कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ तकनीकी सहायक एवं कार्य स्थल पर मेट, ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक एवं ग्राम रोजगार सहायक को प्रभारी अधिकारी बनाया है। योजना के तहत वर्ष 2020-21 के लिए 220 रुपए प्रति दिवस की मजदूरी तय है। अभी राज्य में औसत मजदूरी दर 166 रुपए प्रति दिन है। अभियान में सरकार की मंशानुसार मजदूरों को पूरे काम की पूरी मजदूरी देना सुनिश्चित किया जाएगा।
रुचि के अनुसार काम
अभियान के तहत अधिकारियों को कार्यस्थल पर श्रमिकों का नियोजन रूचि के अनुसार 5-5 के समूह में कराने, योजना की समीक्षा के दौरान दिए निर्देश के अनुसार तकनीकी अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सभी पंचायतों में भ्रमण कर विशेष अभियान के दौरान मेटों एवं श्रमिकों को पूरी मजदूरी दिलाने के लिए प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए है।
कर सकते है ऑनलाइन आवेदन
काम के लिए ऑनलाइन आवेदन, मोबाइल एप, आइवीआर से भी लिए जाने के साथ प्रपत्र 6 की दिनांकित प्राप्ति रसीद मजदूरों को दिया जाना सुनिश्चित करें। पर्याप्त मात्रा में कार्यों की स्वीकृति जारी करने व यथा संभव प्रत्येक राजस्व ग्राम में श्रमिकों को आवश्यकता के अनुसार कार्यों की स्वीकृति काम की मांग के आधार पर समय पर की जाए।