
Coronation treatment done with a satchel in bhilwara
भीलवाड़ा।
जिले के कोटड़ी कस्बे में चार कोरोना पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया। उनमें से एक का इलाज झोलाछाप डॉक्टर ने किया था। लसाडिय़ा पंचायत के मीणा का खेड़ा निवासी युवक ने बताया कि तेज बुखार होने पर 23 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटड़ी पर उनकी कोरोना सैंपल देकर जांच करवाई गई थी। उस दिन तेज बुखार होने पर बस स्टैंड पर एक झोलाछाप परेश बंगाली के संपर्क में आया। उसने युवक को कोरोना का संभावित मरीज बताते हुए दो इंजेक्शन लगाए और कुछ इवाइयां दी। अगले दिन फिर बुखार आने लगी। वह 25 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव निकला। युवक की रिपोर्ट की भनक लगते ही झोलाछाप ने क्लीनिक बंद कर दिया। मामले की जानकारी पर उपखंड अधिकारी चंद्रप्रकाश वर्मा ने तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार हनुतसिंह रावत व चिकित्सा प्रभारी डॉ. कन्हैयालाल यादव ने झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि गत दिनों भी संक्रमित मिले भीलों का झोपड़ा निवासी बुजुर्ग का इलाज नंदराय के एक झोलाछाप ने किया था।
Published on:
27 Jul 2020 09:58 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
