
Court is angry: Smugglers were benefited, wrote to DGP for action against seizure officer
भीलवाड़ा के विशिष्ट न्यायालय (एनडीपीएस) ने डोडा चूरा तस्करी के साढ़े पांच साल पुराने मामले में दो जनो को दोषमुक्त कर दिया। मामले में जब्ती अधिकारी की लापरवाही मानते हुए अदालत ने तल्खी दिखाई। कड़ारूख अपनाते हुए तस्करों को फायदा पहुंचाने पर कोटड़ी थाने के तत्कालीन थानाप्रभारी अशोक सांवरिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक को आदेश देते हुए फैसले की कॉपी भेजी।यह था मामला10 नवम्बर 2019 को मुखबिर की सूचना पर कोटड़ी थानाप्रभारी सांवरिया ने सवाईपुर रोड पर दो जनों को गिरफ्तार कर उनसे 80 किलो 400 ग्राम डोडा चूरा बरामद किया। दोनों आरोपी जयपुर जिले के रहने वाले हैं। अदालत ने मामले में दोनों को दोषमुक्त कर दिया।प्रावधान के अनुसार नहीं की जब्तीअदालत ने फैसले में उल्लेख किया कि पुलिस अधिकारी ने मादक पदार्थ जब्ती के समय लापरवाही और उदासीनता बरती। आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए जब्ती कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट प्रावधानों के अनुसार नहीं की। इससे आरोपियों काे संदेह का लाभ मिला।
इनका कहना है
चालान के समय सम्बंधित अधिकारी को जानकारी दी जाती है कि एनडीपीएस एक्ट प्रावधानों के अनुसार पत्रावली पूरी करके कोर्ट में सबमिट करें। जब्ती के समय अधिकारी अशोक सांवरिया ने लापरवाही व उदासीनता बरती। कार्रवाई के लिए डीजीपी और गृह मंत्रालय को सूचित किया जाएगा।
- रामस्वरूप गुर्जर, विशिष्ट लोक अभियोजक
Published on:
01 May 2025 09:33 pm
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