गौरतलब है कि आईजी सिंह के आदेश पर इस मामले में गत दिनों तत्कालीन थाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा, एएसआई चंद्रप्रकाश विश्नोई, थाना प्रभारी अयूब खां को निलंबित किया। वहीं पुर थाना प्रभारी शिवराज गुर्जर को लाइन हाजिर किया था। इन सबने एक के बाद एक जांच की और मामले में जांच को सही ठहराया था लेकिन आरोपी रामजस टांक की शिकायत पर आईजी ने पांडर से फिर जांच कराई तो उसमें चारों पुलिस अधिकारियों की जांच को गलत ठहराया था।