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डेयरी ने बढ़ाई पशुआहार की दर, मक्का खिलाने को मजबूर पशुपालक

पशुपालक बोले, पशुआहर 28 रुपए किलो, मक्का 18 रुपए फिर भी दस रुपए की बचत

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डेयरी ने बढ़ाई पशुआहार की दर, मक्का खिलाने को मजबूर पशुपालक

डेयरी ने बढ़ाई पशुआहार की दर, मक्का खिलाने को मजबूर पशुपालक

भीलवाड़ा. शहर में इन दिनों दूध 60 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, लेकिन पशुपालकों को पशुआहर का एक कट्टा (50 किलोग्राम) 1385 रुपए में खरीदना पड़ रहा है। हालांकि दूध के दाम पहले से बढ़े हैं, बावजूद इसके पशुपालकों के चेहरे पर रौनक नहीं है। कारण यह है कि पशुआहार इतना महंगा हो गया हैं कि किसानों को अब पशु रखना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। खल, तारामीरा और अन्य पशुआहर के दाम में तो रिकार्ड उछाल आया है। वहीं चारे की कीमत भी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में कई किसानों ने अब पशुओं को पशुआहर के साथ अब मक्का का दलिया बनाकर खिला रहे हैं।

किसान व पशुपालकों का कहना है कि खरीफ की फसल में मक्का का अच्छा उत्पादन हुआ। इसमें से कुछ ने तो फसल को मंडी में बेच दिया तो कुछ ने अपने पास रख रखी है। पशुआहर के दाम बढ़ने के बाद किसान अब पशुआहर के साथ मक्का का दलिया बनाकर खिला रहे हैं।
पशुपालकों पर दोहरी मार
भीलवाड़ा सरस डेयरी ने दूध की कीमत दो रुपए प्रति लीटर बढ़ाए हैं। इससे आम उपभोक्ताओं पर भार पड़ा है। उधर डेयरी ने दूध की खरीद दर भी बढ़ाई है, लेकिन पशुआहर की दर 100 रुपए प्रति बैग बढ़ाकर किसानों पर अतिरिक्त भार डाल दिया है। अब किसानों को यह पशुआहर 28 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीदना पड़ रहा है। जबकि मक्का के दाम 18 रुपए किलोग्राम है। कांदा के किसान बालूलाल ने बताया कि डेयरी ने दूध खरीद की दर तो बढ़ा दी, लेकिन दूसरी ओर पशुआहार को अधिक महंगा कर दिया। पहले एक कट्टा 1285 रुपए में आता था वह अब 1385 में आ रहा है। डेयरी अब किसान की जेब काटने का काम कर रही है। परेशान किसान अब घर में खाने को पड़ी मक्का की फसल को ही पशुओं को खिला रहे हैं।