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राजस्थान में इस जगह रावण दहन नहीं वध होता है, वध के लिए एक दिन पहले लगती है बोली, जिसके नाम बोली छूटती है वह करता है वध

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Dashara in bhilwara

Dashara in bhilwara

पारोली।
रोपां कस्बे के बस स्टैंड पर रावण की स्थाई प्रतिमा सीमेंट से बनी है।दशहरा पर्व पर रावण वध की यहां अनोखी परंपरा है । रोपां मे रावण दहन नहीं अपितु विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच वध किया जाता है। दशहरा पर्व पर चारभुजा मंदिर से राम सवारी निकाली जाती है। दशहरा पर्व से एक दिन पहले रावण वध के लिए बोली लगती है । बोली लगाने के लिए ग्रामीणों में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है। जिसके भी नाम बोली छूटती है वह राम बनकर रावण का वध करता है । इसके लिए रावण की नाभि में लाल रंग से भरी कच्ची मटकी रखी जाती है राम रावण युद्ध होता है और अंत में रावण की नाभि में बाण लगाया जाता है।

35 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा

बागोर. दशहरे पर 35 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा । हिन्द क्रिकेट क्लब के तत्वावधान में 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया जा रहा है। क्लब के बरदीचंद जीनगर ने बताया कि कोठारी नदी में दशहरे पर दहन किया जाएगा। केजी कदम की देखरेख मे ही रावण का निर्माण करवाते हैं। रावण का दहन रॉकेट के माध्यम से 100 मीटर की दूरी से किया जाता है।