
किसान के माथे पर सलवट: 65 फीसदी बुवाई, बारिश नहीं आई
भीलवाड़ा बारिश नहीं होने से किसानों के ललाट पर चिंता की लकीरें उभरने लगी है। खेतों में 65 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है लेकिन बारिश में दिन-ब-दिन देरी से नुकसान हो सकता है। जिले में विभिन्न फसलों की बुवाई में सिर्फ 35 प्रतिशत का रकबा बाकी रहा है। किसानों का मानना है कि बारिश नहीं हुई तो मुख्य फसल मक्का, सोयाबीन व कपास के उत्पादन पर विपरीत असर पड़ेगा। 15 दिन पहले बुवाई शुरू कर दी थी। तब आस थी कि अच्छी बारिश होगी।
सोयाबीन ओर कपास को होगा नुकसान
किसान बालू गाडरी का कहना है कि बारिश न होने के कारण मक्का, कपास व सोयाबीन को ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। जमीन में नमी नहीं होने पर मक्का में इल्ली लगने की आशंका बढ़ जाएगी। जड़ का फुटान रुक जाएगा, जबकि सूखे के कारण सोयाबीन में कीटाणु लगने की आशंका ज्यादा है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश की देरी किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। सोयाबीन को बुवाई के बाद नमी नहीं मिले तो पीलिया रोग लग सकता है। मक्का को भी काफी नुकसान पहुंचता है। तुअर और कपास में नुकसान की आशंका कम है। जिले में मक्का और कपास की खेती को किसान प्राथमिकता देते हैं इसलिए बारिश न होने के कारण किसानों को अधिक नुकसान पहुंच सकता है।
फसल लक्ष्य (हे.) बुवाई (हे.) प्रतिशत
(कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर )
Published on:
14 Jul 2024 12:07 pm
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