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पुलिस पहरे के बावजूद उखाड़ ले गए प्रतिमा, करेड़ा में गरमाया माहौल

हनुमान दरवाजे के बाहर विवादित जमीन पर खटीक समाज के पूर्वजों की प्रतिमा को अज्ञात व्यक्ति बुधवार रात उखाड़ ले गए

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कस्बे के हनुमान दरवाजे के बाहर विवादित जमीन पर खटीक समाज के पूर्वजों की प्रतिमा को अज्ञात व्यक्ति उखाड़ ले गए।

करेड़ा।

कस्बे के हनुमान दरवाजे के बाहर विवादित जमीन पर खटीक समाज के पूर्वजों की प्रतिमा को अज्ञात व्यक्ति बुधवार रात उखाड़ ले गए। खटीक समाज के लोगों को गुरुवार को पता लगा तो उनमें आक्रोश फैल गया। इससे माहौल गरमा गया। इस विवादित भूमि पर दस माह से पुलिस का पहरा है। समाज के लोग विवादित जमीन पर टेंट लगा धरने पर बैठ गए। विवाद बढ़ता देख पुलिस अधिकारी पहुंचे। कार्रवाई के आश्वासन पर धरना उठा लिया गया। पुलिस ने महंत सरजूदास समेत अन्य संतों के खिलाफ प्रतिमाएं उखाडऩे का मामला दर्ज कर लिया।

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जानकारी के अनुसार हनुमान दरवाजे के बाहर जमीन पर खटीक समाज का कब्जा है। उस पर पूर्वजों की वर्षों पुरानी प्रतिमाएं थी। यहां समाज के लोग पूजा करते थे। करीब दो दर्जन प्रतिमाओं को कोई उखाड़ ले गए। इसकी भनक लगने पर सुबह समाजजन जमा हो गए। यहां पुलिस पहरा होने के बावजूद प्रतिमाएं ले जाने से आक्रोश व्याप्त हो गया। लोग उस जमीन पर टेंट लगा धरने पर बैठ गए। समाज ने आरोप लगाया कि महंत सरजू दास समेत अन्य संत प्रतिमाएं उखाड़ ले गए। उनकी गिरफ्तारी और पुन: प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग करने लगे।

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इस पर सहाड़ा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत, आसींद पुलिस उपाधीक्षक रामसिंह चौधरी, थानाप्रभारी प्रकाश मीणा व उपखण्ड अधिकारी वहां पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। जिला मुख्यालय से एफएसएल टीम भी पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश कर लोगों को प्रदर्शन से रोका। पुलिस ने मथुरालाल खटीक की रिपोर्ट पर महंत सरजू दास समेत कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

दस माह से जाप्ता

फरवरी-2017 में उक्त जमीन पर बने मकान और दुकानों को ध्वस्त कर देने के बाद से यहां पुलिस जाप्ता तैनात था। चौबीस घण्टे निगरानी रखी जाती है। रात में भी पुलिसकर्मी लगे हुए थे। इसके बावजूद प्रतिमाएं कोई उखाड़ ले गया। लोगों ने पांच दिन में पुन: प्रतिमाएं स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

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