भीलवाड़ा. होली के बाद मौसम में कई बार आए बदलावों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। हालिया बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसल में नुकसान पहुंचा। उतार-चढ़ाव भरे मौसम की मार झेल रहे किसान फसल को जल्द समेटकर मंडी पहुंचना चाह रहे हैं। बार-बार बिगड़ रहे मौसम को देखकर मजदूरों ने भी मजदूरी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, कटाई से लेकर थ्रेसर से जिंस निकलवाने तक की मजदूरी बढ़ गई है। बीते साल कटाई की 300 से 350 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी थी। इस बार 400 से 500 रुपए तक मजदूरी मांगी जा रही है। डीजल रेट बढ़ने से थ्रेसर से जिंस निकलवाना भी महंगा हो गया। पिछले साल से प्रतिघंटे के 150 से 200 रुपए अधिक मांगे जा रहे हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, जिले मेें गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है। कई जगह फसलें कट चुकी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन में फिर बारिश की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में किसान फसल कटाई में लगे हैं, लेकिन मजदूर नहीं मिल रहे हैं। किसानों का कहना है कि बदलते मौसम में सर्वाधिक चिंता का कारण गेहूं की फसल है। जिले के कई स्थानों पर ओलावृष्टि से फसल में काफी नुकसान हुआ।
बुवाई से पकाई तक मौसम की मार
किसानों का कहना है कि रबी की बुवाई से लेकर पकाई तक मौसम की मार पड़ी। शुरू से मौसम में उतार-चढ़ाव रहा है। पहले मावठ नहीं होने से फसल में बढवार नहीं आ सकी। फसल बौनी रह गई।
महंगाई के मुताबिक मंडी में भाव नहीं
किसानों ने बताया कि बढ़ती महंगाई के बीच मंडी में कृषि जिंसों के भाव भी अच्छे नहीं मिल रहे। फसल भी इस बार ठीक नहीं है। गेहूं की फसल मौसम से प्रभावित रही है। दाने की गुणवत्ता कमजोर है।